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MSP से संतोष, लेकिन कुंडी वेयरहाउस की बदइंतजामी से किसान बेहाल: आर्थिक नुकसान की मार(Paddy procurement crisis farmers problems administrative chaos)

  • Dec 31, 2025
  • 2 min read

बैतूल (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश में धान की खरीदी का सीजन जोरों पर है, लेकिन प्रशासनिक अव्यवस्थाएं किसानों की मेहनत पर पानी फेर रही हैं। शाहपुर ब्लॉक के कुंडी वेयरहाउस में धान खरीदी केंद्र पर संसाधनों की कमी और धीमी प्रक्रिया के कारण किसान भारी संकट में हैं। गामकी मीडिया की टीम ने जब केंद्र का दौरा किया, तो वहां की तस्वीर सरकारी दावों से बिल्कुल उलट नजर आई।

Paddy procurement crisis farmers problems administrative chaos

3-4 दिनों का लंबा इंतजार, बढ़ रहा है कर्ज

खरीदी केंद्र पर हालात यह हैं कि किसान 3 से 4 दिनों से अपनी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ खुले आसमान के नीचे डटे हुए हैं। धपाड़ा गांव से आए किसानों ने बताया कि वे भारी भरकम किराए पर ट्रैक्टर लेकर आए हैं, लेकिन अब तक उनकी फसल की तुलाई नहीं हो पाई है। उन्हें प्रशासन की ओर से जवाब मिला है कि अभी 1-2 दिन और इंतजार करना होगा।

प्रमुख समस्याएं: संसाधनों और कर्मचारियों का अभाव

Paddy procurement crisis farmers problems administrative chaos

किसानों ने अपनी समस्याओं को विस्तार से बताते हुए प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं:

  • तौल कांटों की कमी: वेयरहाउस पर कांटों की संख्या इतनी कम है कि तुलाई की रफ्तार बेहद सुस्त है।

  • आर्थिक बोझ: ₹5,000 प्रतिदिन के किराए पर ट्रैक्टर लाने वाले किसानों को तुलाई में देरी के कारण हजारों रुपये का अतिरिक्त आर्थिक नुकसान हो रहा है।

  • कर्मचारियों की कमी: केंद्र पर पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण कागजी कार्रवाई और प्रबंधन ठप पड़ा है।

किसानो की प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग

यद्यपि किसान सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से संतुष्ट हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर फैली अव्यवस्था उनके लिए मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना बन गई है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि:

  1. तत्काल अतिरिक्त तौल कांटों की व्यवस्था की जाए।

  2. बड़े कांटों (Electronic Weighbridge) का उपयोग किया जाए ताकि प्रक्रिया तेज हो सके।

  3. पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की तैनाती की जाए।

किसानों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं, तो उनकी पूरी कमाई परिवहन और किराए में ही खत्म हो जाएगी।

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