ग्राम पंचायत भट्टी में लापरवाही का आलम: 4 साल से कटी गरीब वृद्ध की समग्र आईडी, ग्रामीणों ने SDM से की सरपंच-सचिव की शिकायत TribalRights, GovernmentNegligence, LocalGovernance
- Feb 4
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नर्मदापुरम जिले के आदिवासी विकासखंड केसला के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत भट्टी में सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। पंचायत प्रशासन की कथित लापरवाही के कारण एक गरीब आदिवासी वृद्ध पिछले चार वर्षों से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है। बुधवार को ग्रामीणों ने इस मामले में एसडीएम (SDM) और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की।

30 साल से निवासी, फिर भी योजनाओं से दूर
पीड़ित हरिराम गोंड ने बताया कि वह पिछले 30 वर्षों से ग्राम भट्टी में निवास कर रहे हैं। उनके पास पुराना राशन कार्ड, परिचय पत्र और आधार कार्ड जैसे सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद, पंचायत द्वारा उनकी समग्र आईडी (Samagra ID) डिलीट कर दी गई है।
4 साल का संघर्ष: पीड़ित पिछले चार वर्षों से आईडी सुधार के लिए आवेदन दे रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
योजनाओं का अभाव: आईडी न होने के कारण उन्हें शासन की किसी भी जनकल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
ग्रामीणों ने घेरा पंचायत प्रशासन
ग्रामीणों ने पीड़ित हरिराम को स्वयं एसडीएम और तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत कर पंचायत की अनियमितताओं को उजागर किया।
अखिलेश पांडे ने कहा, "आदिवासी विकासखंड होने के बावजूद पात्र आदिवासियों को ही लाभ से वंचित रखा जा रहा है। सरपंच-सचिव की लापरवाही अब बर्दाश्त से बाहर है।"
अंकित वर्मा ने बताया कि पूर्व में भी कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन धरातल पर कोई सुधार नहीं हुआ।
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अधिकारियों को चेतावनी
शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि हरिराम गोंड की समस्या का तत्काल निराकरण नहीं होता है और दोषी सरपंच-सचिव पर कार्रवाई नहीं की जाती, तो वे उच्च अधिकारियों के समक्ष उग्र प्रदर्शन करेंगे।
शिकायत करने वालों में मुख्य रूप से: हरिराम गोंड, अंकित वर्मा, अखिलेश पांडे, गोलू भाईजान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।











