जेएच कॉलेज- आत्मनिर्भरता का मंत्र: विद्यार्थियों ने सीखे मशरूम उत्पादन MushroomFarming EcoClubInitiatives StudentEmpowerment
- Jan 7
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बैतूल: 'प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस' जयवंती हक्सर (जेएच) स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विद्यार्थियों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से एक दिवसीय मशरूम उत्पादन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को), पर्यावरण विभाग मध्यप्रदेश शासन के 'इको क्लब' के तत्वावधान में आयोजित की गई।

कम लागत में बड़ा मुनाफा कमाने की ट्रेनिंग
प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी चौबे के मार्गदर्शन और इको क्लब की संयोजक प्रो. अर्चना सोनारे के निर्देशन में आयोजित इस सत्र में विक्रम मशरूम यूनिट (सिलपटी) के संस्थापक श्री रामकिशोर कहार मुख्य प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित रहे।
प्रशिक्षण के दौरान श्री कहार ने विद्यार्थियों को बताया कि:
मशरूम उत्पादन को बहुत ही कम जगह और न्यूनतम लागत में शुरू किया जा सकता है।
उन्होंने मशरूम के औषधीय गुणों और बाजार में इसकी बढ़ती मांग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
विद्यार्थियों को मशरूम उगाने की व्यावहारिक (Practical) विधि भी सिखाई गई ताकि वे इसे एक व्यवसाय के रूप में अपना सकें।
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70 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया प्रशिक्षण
इस कार्यशाला में लगभग 70 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन प्रो. संतोष पवार ने किया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति: कार्यशाला में इको क्लब के सदस्य डॉ. महेन्द्र नावंगे, प्रो. दीपिका साहू, डॉ. राजकुमार चौकीकर, डॉ. राहुल सिंह ठाकुर, डॉ. पंकज बारस्कर, प्रो. नीतू कुमरे, डॉ. महेन्द्र कुमार मिश्रा सहित प्रो. प्रीति नावंगे और प्रो. सोनम चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। साथ ही शिवमाला पाटे, अंकिता टिकारे, देवेंद्र मगरदे और महक शेख जैसे कई विद्यार्थियों ने इस प्रशिक्षण का लाभ उठाया।











