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जिला पंचायत सीईओ ने की स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा; एएनसी पंजीकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर कड़े निर्देशMaternalHealthFocus, ChildCareInitiatives, HealthServiceQuality

  • Feb 18
  • 2 min read

बैतूल | 18 फरवरी, 2026 कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशानुसार बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अक्षत जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

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एएनसी पंजीकरण: शत-प्रतिशत लक्ष्य का निर्देश

बैठक में गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण (ANC Registration) में कम उपलब्धि पर सीईओ ने खंड चिकित्सा अधिकारियों (BMOs) के प्रति नाराजगी व्यक्त की।

  • कारण बताओ नोटिस: कम पंजीकरण वाले बीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

  • सर्वे और सूची: क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं को घर-घर सर्वे कर शेष गर्भवती महिलाओं की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए।

  • प्रथम त्रैमास पंजीकरण: निर्देश दिया गया कि प्रथम तीन महीनों में ही शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।

  • जांच की अनिवार्यता: आशा और एएनएम को निर्देश दिए गए कि वे बीएचएनडी (VHND) सत्र के दौरान सीएचओ (CHO) से प्रथम एएनसी जांच अनिवार्य रूप से करवाएं।

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मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

सीईओ अक्षत जैन ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए:

  • आयरन सुक्रोज मैनेजमेंट: छूटी हुई सभी गर्भवती महिलाओं को एक सप्ताह के भीतर आयरन सुक्रोज के इंजेक्शन लगाना सुनिश्चित करें।

  • मृत्यु समीक्षा: मातृ-मृत्यु के मामलों में तत्काल 'बरबल एटाप्सी' कर रिपोर्ट जिला कार्यालय भेजने को प्राथमिकता देने को कहा गया।

  • फील्ड निरीक्षण: बीएमओ और सीएचओ को निर्देशित किया गया कि वे क्षेत्र में कम से कम 1% गृह आधारित न्यू बॉर्न केयर (HBNC) का औचक निरीक्षण करें।

प्रशिक्षण और प्रशासनिक अनुशासन

  • प्रैक्टिकल ट्रेनिंग: फील्ड कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण में 'लाइव डेमो' और पोर्टल पर कार्य करने का व्यावहारिक अभ्यास कराने के निर्देश दिए गए।

  • अवकाश प्रबंधन: किसी भी कर्मचारी के अवकाश पर जाने की स्थिति में, वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर समीपस्थ कर्मचारी की ड्यूटी लिखित रूप में लगाने के निर्देश दिए।

  • कड़ी कार्रवाई: एनसीडी (NCD) स्क्रीनिंग कार्य में लापरवाही बरतने वाले सीएचओ को अंतिम चेतावनी देते हुए उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक में उपस्थित अधिकारी

समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े, सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश परिहार, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रांजल उपाध्याय, सिकल सेल नोडल अधिकारी डॉ. अंकिता सिते, डीपीएम डॉ. विनोद शाक्य सहित सभी ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।

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