पहली बार सरकारी शादी में बीपीएल अनिवार्य : वंचित रह जाएगी गरीब परिवार की बेटियां सामूहिक विवाह सम्मेलन में 200 जोड़ो की अनिवार्यता
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भोपाल: मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन में पहली बार कन्या के अभिभावक का नाम बीपीएल सूची में नाम होना अनिवार्य कर दिया है । जिसके चलते घोड़ाडोंगरी में 30 अप्रैल को होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन का लाभ लेने से कई गरीब बेटियों वंचित रह जाएगी, ऐसा इसलिए क्योंकि कई गरीब परिवार ऐसे हैं जिनका बीपीएल सूची में नाम नहीं है या कट गया है जबकि पिछले साल तक बीपीएल के अनिवार्यता नहीं होने के चलते कोई भी जरूरतमंद परिवार अपनी कन्या का विवाह इस योजना में कर सकता था। यही वजह है कि इस बार आगामी 30 अप्रैल को होने वाले सरकारी विवाह सम्मेलन के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं तो कहीं गरीब परिवार के बीपीएल के अभाव में आवेदन नहीं होने से परेशान है यही नहीं बीपीएल कार्ड बना भी अब आसान नहीं है।
इस बार 200 जोड़े की भी सीमा तय
पिछले साल तक योजना में होने वाले सामूहिक विवाह सम्मेलनों में जोड़ों की संख्या पर कोई लिमिट नहीं थी लेकिन इस बार एक सामूहिक विवाह सम्मेलन में कम से 11 ओर अधिकतम 200 जोड़ों के विवाह होंगे, वहीं इस बार सम्मेलन की तारीख है भी शासन से निर्धारित की गई है । ऐसे में 30 अप्रैल को घोड़ाडोंगरी में हो रहे सामूहिक विवाह सम्मेलन में शाहपुर, घोड़ाडोंगरी, चिचोली एवं सारणी नगर परिषद क्षेत्र को शामिल कर 200 जोड़ों की सीमा तय है जबकि बुधवार 8 अप्रैल को जनपद पंचायत शाहपुर से लगभग 200 से अधिक आवेदनकर्ताओं एनओसी जारी की गई है। इसके अलावा चिचोली एवं घोड़ाडोंगरी में भी आवेदन करता हूं की संख्या 200 से अधिक हो चुकी है, ऐसे में 200 जोड़ों का चयन करना शासन के लिए कठिन चुनौती साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में ये गाइडलाइन
पात्रता: मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में कन्या मध्य प्रदेश की मूल निवासी होनी चाहिए और उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
बीपीएल अनिवार्यता: योजना का लाभ अब उन्ही परिवार को मिलेगा जो बीपीएल की सूची में शामिल है।
बीपीएल सत्यापन: परिवार का केवल बीपीएल कार्ड होना पर्याप्त नहीं है बीपीएल सामग्र पोर्टल पर सत्यापित होना आवश्यक है।
समग्र केवाईसी: वधू (दुल्हन) की समग्र पोर्टल पर आधार ई-केवाईसी भी अनिवार्य है ।
सहायता राशि : योजना के तहत 55,000 हजार की कुल सहायता में से 49,000 हजार की राशि कन्या के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है और 6000 हजार आयोजन समिति को मिलते हैं।













