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कंगला मांझी सरकार केवल नाम नहीं, आजादी की लड़ाई का गौरवशाली इतिहास है: कुंभदेव कांगे TribalIdentity, LandRights, CulturalPreservation

  • Feb 10
  • 2 min read

बैतूल के मालवर में तीन दिवसीय सैनिक सम्मेलन संपन्न; अवैध कब्जे, धर्मांतरण और घुसपैठ के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई की उठी मांग

बैतूल। शाहपुर ब्लॉक के ग्राम मालवर में आयोजित तीन दिवसीय भव्य 'सैनिक सम्मेलन' में देश की सुरक्षा, आदिवासी अस्मिता और जल-जंगल-जमीन के संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस सम्मेलन में कंगला मांझी सरकार के पदाधिकारियों ने प्रशासन और सरकार को क्षेत्रीय समस्याओं, विशेषकर अवैध कब्जों और धर्मांतरण को लेकर कड़ा संदेश दिया।

TribalIdentity, LandRights, CulturalPreservation

राष्ट्रीय नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति

आयोजन में संस्था की राष्ट्रीय अध्यक्ष राजमाता श्रीमती फुलवा देवी कांगे और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुंभदेव कांगे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। दिल्ली से आए प्रतिनिधिमंडल के साथ जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी के अध्यक्ष राहुल उइके और ग्राम पंचायत खापा की सरपंच सहनवती कवडे ने भी मंच साझा किया।

आजादी के नायकों की विरासत

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुंभदेव कांगे ने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्थापक क्रांतिवीर कंगला मांझी ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष कर देश की आजादी में अमूल्य योगदान दिया था। आज उन्हीं के पदचिन्हों पर चलकर देश की रक्षा करना हर नागरिक का दायित्व है।

राजमाता फुलवा देवी कांगे ने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य समाज की संस्कृति और अखंडता को बचाना है। उन्होंने विदेशी मानसिकता और धर्मांतरण जैसी चुनौतियों से सावधान रहने का आह्वान किया।

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अवैध कब्जे और घुसपैठ पर गंभीर चिंता

सम्मेलन में चोपना क्षेत्र का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। जिला प्रभारी अध्यक्ष रामकिशोर धुर्वे के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित आरोप लगाए गए:

  • अवैध घुसपैठ: 1962 में आए विदेशी नागरिकों की आड़ में सैकड़ों बाहरी लोग अवैध रूप से चोपना क्षेत्र में बस गए हैं।

  • भूमि कब्जा: सूचना के अधिकार (RTI) के हवाले से बताया गया कि सैकड़ों एकड़ भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है, जिस पर प्रशासन मौन है।

  • संसाधनों की लूट: क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेता (बालू) की चोरी हो रही है, जिससे प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है।

आदिवासी हितों के संरक्षण की मांग

विशेष अतिथि राहुल उइके ने आदिवासी संस्कृति को विश्व स्तर पर भारत की पहचान बताया। वहीं, सरपंच सहनवती कवडे ने आरक्षण के दुरुपयोग और आदिवासी बेटियों के शोषण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर ठोस कानूनी कार्रवाई की मांग की।

विदाई समारोह

तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन के बाद बड़ी संख्या में 'मांझी सरकार' के सैनिकों ने घोड़ाडोंगरी रेलवे स्टेशन पर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में राजमाता को ससम्मान 'सेल्यूट सलामी' देकर विदा किया।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश संरक्षक एनआर ठाकुर, प्रांत अध्यक्ष दिनेश धुर्वे, कोषाध्यक्ष रामप्रसाद इवने सहित प्रदेश भर के कई पदाधिकारी और हजारों की संख्या में क्षेत्रीय जनता मौजूद रही।

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