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मध्य प्रदेश: नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का सत्तापक्ष पर चौतरफा हमला; बोले— "जनता को पानी देना सरकार का कर्तव्य, भीख नहीं"MadhyaPradeshPolitics OppositionStand GovernmentCritique

  • Jan 9
  • 2 min read

बैतूल/भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने बैतूल प्रवास के दौरान राज्य की भाजपा सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। Gamaki Media के सहयोगी राजकमल गुप्ता से मुखातिब होते हुए सिंघार ने जल संकट, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हो रहे प्रहारों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए।


जल संकट: "टैक्स वसूली तो पानी की जिम्मेदारी भी सरकार की"

प्रदेश के कई हिस्सों, विशेषकर इंदौर में गहराते जल संकट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सिंघार ने कहा कि शुद्ध पेयजल जनता का मौलिक अधिकार है। उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "हम कोई भीख नहीं मांग रहे हैं। जब सरकार पानी के नाम पर जनता से भारी-भरकम टैक्स वसूलती है, तो उसे हर घर तक पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उठानी होगी।" उन्होंने जल प्रबंधन में सरकार की विफलता को चिंताजनक बताया।

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केंद्रीय मंत्री डी.डी. उइके के क्षेत्र में भ्रष्टाचार पर तंज

बैतूल जिले के जनजातीय कार्य विभाग में लगातार उजागर हो रहे भ्रष्टाचार के मामलों पर सिंघार ने केंद्रीय राज्य मंत्री डी.डी. उइके को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व स्वयं केंद्रीय राज्य मंत्री कर रहे हैं, वहीं का घर (प्रशासनिक तंत्र) संभल नहीं पा रहा है। सिंघार ने दो टूक शब्दों में कहा, "यदि मंत्री अपने ही क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगा सकते, तो उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।" साथ ही, उन्होंने छात्रावासों से हटाई गई महिला कर्मचारियों के प्रति सरकार के रवैये को संवेदनहीन करार दिया।


लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा पर बल

हाल के दिनों में पत्रकारों के विरुद्ध हुई कार्रवाई और अभद्र टिप्पणियों पर चिंता व्यक्त करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का आईना होते हैं। यदि वे सरकार की कमियां उजागर कर रहे हैं, तो यह उनका कर्तव्य है। मीडिया की आवाज को दबाना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह समूचे लोकतंत्र का अपमान है।


चुनावी राजनीति बनाम बुनियादी मुद्दे

सिंघार ने सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रहार करते हुए कहा कि 'लाड़ली बहना' जैसी योजनाएं केवल चुनाव जीतने का जरिया बनकर रह गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार युवाओं के रोजगार, किसानों के लिए खाद और आम जनता के लिए 24 घंटे बिजली जैसे बुनियादी मुद्दों पर मौन क्यों है? उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक इन जनहितैषी मुद्दों पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।

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