मध्य प्रदेश भाजपा की 'जंबो' मीडिया टीम घोषित: 89 सदस्यों वाली टीम में पूर्व मंत्रियों और विधायकों को बड़ी जिम्मेदारी MadhyaPradeshPolitics, MediaStrategy, BJPMediaTeam
- Apr 3
- 2 min read
भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा ने आगामी चुनौतियों और मीडिया में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने के लिए अब तक की सबसे बड़ी मीडिया टीम का ऐलान कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा घोषित इस 89 सदस्यीय 'जंबो' टीम में अनुभव और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। टीम में दो पूर्व मंत्रियों सहित कई दिग्गज चेहरों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

टीम का ढांचा: 33 प्रवक्ता और 41 पैनलिस्ट
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने अपनी नई टीम में 33 नेताओं को प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त किया है। पूरी सूची में सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने की कोशिश की गई है। टीम के कुल 89 सदस्यों में:
41 प्रदेश मीडिया पैनलिस्ट बनाए गए हैं।
09 प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।
06 सदस्य प्रदेश मीडिया विभाग में रखे गए हैं।
दिग्गजों और गुटों का संतुलन
इस नई सूची की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों को पर्याप्त स्थान दिया गया है। पार्टी ने इस जंबो टीम के जरिए गुटीय संतुलन साधते हुए एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया है।
MadhyaPradeshPolitics, MediaStrategy, BJPMediaTeam
पूर्व मंत्री और विधायकों को कमान
मीडिया टीम में संसदीय अनुभव को प्राथमिकता देते हुए 11 वर्तमान और 5 पूर्व विधायकों को शामिल किया गया है।
प्रमुख नाम: पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस और ऊषा ठाकुर को मीडिया टीम में अहम भूमिका दी गई है।
विधायक: वर्तमान विधायकों में कुंवर सिंह टेकाम, गौरव पारधी, नीरज सिंह लोधी, संदीप जायसवाल, संतोष वरकड़े, दिलीप परिहार, डॉ. योगेश पंडाग्रे और छाया मोरे जैसे नाम शामिल हैं।
अन्य खास नाम: मंत्री विजय शाह के भाई और टिमरनी के पूर्व विधायक संजय शाह को भी टीम में स्थान मिला है।
क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर जोर
सह-मीडिया प्रभारियों की नियुक्ति में प्रदेश के सभी प्रमुख केंद्रों को कवर किया गया है। भोपाल से दो प्रभारियों के अलावा इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रायसेन और बैतूल से एक-एक नेता को जिम्मेदारी दी गई है।
बैतूल जिले से आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने जिले की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी सीट पर जीत दर्ज की थी।
रणनीतिक कदम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी टीम बनाने के पीछे भाजपा का उद्देश्य मीडिया के हर प्लेटफॉर्म (टीवी डिबेट से लेकर सोशल मीडिया तक) पर विपक्ष को घेरना और सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाना है।











