सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की बड़ी सफलता: तीन माह से सक्रिय तेंदुए का कुशल रेस्क्यू, क्षेत्र में भय का अंत LeopardRescue, WildlifeManagement, HumanWildlifeConflict
- Jan 19
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भौंरा (मध्य प्रदेश):(सौजन्य से वरिष्ट पत्रकार कैलाश प्रशाद अग्निहोत्री) सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (STR) प्रबंधन ने एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को अंजाम देते हुए भौंरा क्षेत्र में पिछले तीन महीनों से विचरण कर रहे एक किशोर तेंदुए को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया है। वन विभाग की इस त्वरित और योजनाबद्ध कार्रवाई से न केवल क्षेत्र में शांति बहाल हुई है, बल्कि मानव-वन्यजीव द्वंद्व को रोकने में विभाग की विशेषज्ञता भी सिद्ध हुई है।
कुशल रणनीति और तकनीकी दक्षता
सहायक संचालक श्री विनोद वर्मा के मार्गदर्शन में चलाए गए इस ऑपरेशन में विभाग ने धैर्य और तकनीक का परिचय दिया। श्री वर्मा ने बताया कि यह तेंदुआ पूर्व में पिपरिया क्षेत्र से रेस्क्यू कर रिजर्व क्षेत्र में छोड़ा गया था, किंतु कम उम्र होने के कारण वह प्राकृतिक आवास में स्वयं को पूरी तरह अनुकूलित नहीं कर सका और भोजन की तलाश में आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ गया। विभाग द्वारा पूर्व में कई बार पिंजरे लगाए गए, लेकिन तेंदुए की चपलता को देखते हुए अंततः 'हस्तक्षेप रेस्क्यू' (Intervention Rescue) का निर्णय लिया गया।
LeopardRescue, WildlifeManagement, HumanWildlifeConflict
ऑपरेशन 'एलीफेंट स्क्वाड': विभाग का मास्टरस्ट्रोक
सोमवार को इस ऑपरेशन को निर्णायक मोड़ देने के लिए STR की विशेष रेस्क्यू टीम ने चार प्रशिक्षित हाथियों का उपयोग किया।
घेराबंदी: हाथियों की मदद से तेंदुए को पहाड़ी क्षेत्र से सुरक्षित स्थान की ओर खदेड़ा गया।
सटीक ट्रैंकुलाइजेशन: वन्यजीव चिकित्सकों की उपस्थिति में, विभाग के एक्सपर्ट्स ने बिना किसी चूक के तेंदुए को ट्रैंकुलाइज गन से बेहोश किया।
सुरक्षा मानक: रेस्क्यू के दौरान अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया गया ताकि वन्यजीव और ऑपरेशन में शामिल कर्मियों, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित रहे।

भविष्य की योजना: वन विहार में होगा नया घर
विगत दिनों एक मासूम बालक पर हुए हमले की दुखद घटना के बाद वन विभाग ने अपनी संवेदनशीलता दिखाते हुए इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी। तेंदुए के व्यवहार और उसकी आयु को देखते हुए, वन्यजीव विशेषज्ञों ने इसे पुनः जंगल में न छोड़ते हुए 'वन विहार, भोपाल' भेजने का निर्णय लिया है। वहां विशेषज्ञों की निगरानी में इसका उचित संरक्षण और प्रबंधन किया जाएगा।
विभाग की अपील और प्रतिबद्धता
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में भौंरा वन परिक्षेत्र का समस्त स्टाफ, STR की विशेष टीम और मेडिकल यूनिट का सराहनीय योगदान रहा। वन विभाग ने ग्रामीणों से सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है और उन्हें आश्वस्त किया है कि विभाग वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
यह रेस्क्यू न केवल एक तेंदुए को पकड़ने की कार्रवाई है, बल्कि वन विभाग के कुशल प्रबंधन और संकट के समय उनकी तत्परता का प्रमाण है।











