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प्रयागराज कुंभ की 'स्मार्ट लाइटिंग' तकनीक से रोशन होगा सिंहस्थ 2028 (KumbhMela2028 ElectricityManagement UjjainEvent: Smart Lighting Insights)

  • Dec 22, 2025
  • 2 min read

उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ के लिए बिजली प्रबंधन को विश्वस्तरीय बनाने की कवायद शुरू हो गई है। प्रयागराज महाकुंभ में बिजली व्यवस्था संभालने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के तीन सदस्यीय दल ने इंदौर और उज्जैन का दौरा कर मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया।

KumbhMela2028 ElectricityManagement UjjainEvent

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प्रयागराज दल ने एक बहुत ही अनोखी तकनीक साझा की है। अक्सर मेला क्षेत्रों में भीड़ की वजह से लोग बिछड़ जाते हैं। इसके समाधान के लिए:

  • QR कोड और नंबरिंग: मेला क्षेत्र के हर बिजली पोल पर एक विशिष्ट नंबर और QR कोड होगा।

  • सटीक लोकेशन: यदि कोई व्यक्ति खो जाता है, तो वह पास के पोल का नंबर बताकर या QR कोड स्कैन करके अपनी सटीक लोकेशन कंट्रोल रूम या परिजनों को भेज सकेगा।

  • इससे रेस्क्यू टीम या पुलिस के लिए उस व्यक्ति तक पहुँचना बेहद आसान हो जाएगा।

KumbhMela2028 ElectricityManagement UjjainEvent: Smart Lighting Insights

प्रयागराज की सफलता के मुख्य बिंदु (जो सिंहस्थ में अपनाए जाएंगे):

  • स्पाइरल लाइटिंग: प्रयागराज में 20,000 पोल पर स्पाइरल लाइटिंग लगाई गई थी, जिससे न केवल रोशनी बढ़ी बल्कि सूचना पटल (Information Boards) भी दूर से स्पष्ट दिखाई दिए।

  • सेक्टर-वार जिम्मेदारी: हर सेक्टर में एक समर्पित इंजीनियर को प्रभारी बनाया गया ताकि फाल्ट होने पर तुरंत सुधार हो सके।

  • विस्तृत कवरेज: नदी के तटों, पीपा पुलों और मुख्य मेला क्षेत्र से 25 किमी दूर तक की पार्किंग में भी चाक-चौबंद लाइटिंग की व्यवस्था।

कार्यशाला और विनिमय (Knowledge Sharing):

इंदौर के पोलोग्राउंड स्थित मुख्यालय में आयोजित कार्यशाला में मद्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों (मनोज गुप्ता, प्रवीण कुमार सिंह, अनूप कुमार सिन्हा) ने प्रस्तुतिकरण दिया।

  • उन्होंने सिंहस्थ 2028 के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

  • एमपी के अधिकारियों ने अपनी शंकाओं और चुनौतियों पर सवाल पूछे, ताकि सिंहस्थ में प्रयागराज जैसी निर्बाध बिजली सेवा दी जा सके।

उपस्थिति: बैठक में मुख्य महाप्रबंधक श्री प्रकाश सिंह चौहान, कार्यपालक निदेशक श्री गजरा मेहता और अन्य वरिष्ठ अभियंता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रयागराज से आए दल का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।

सिंहस्थ 2028 के लिए संभावित बदलाव:

  1. रिवर फ्रंट लाइटिंग: शिप्रा नदी के तटों पर हाई-टेक लाइटिंग।

  2. पार्किंग एरिया: बड़े पार्किंग ज़ोन में सीसीटीवी और लाइटिंग का एकीकरण।

  3. इमरजेंसी रिस्पांस: बिजली से जुड़ी शिकायतों के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन।

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