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पत्रकारों को मिले सुरक्षा और न्याय, भ्रष्ट अधिकारियों पर हो सख्त कार्रवाई: बेदान्ती त्रिपाठीJournalistProtection, FakeCases, AdministrativeHarassment

  • Feb 1
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भोपाल/सतना | 1 फरवरी 2026 पत्रकारों पर बढ़ते फर्जी मुकदमों और प्रशासनिक प्रताड़ना के खिलाफ पत्रकार कल्याण परिषद ने निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बेदान्ती त्रिपाठी के नेतृत्व में पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का आगाज़ 31 जनवरी को सतना सांसद गणेश सिंह को ज्ञापन सौंपकर किया गया।

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सांसद ने दिया आश्वासन: पत्रकारों के साथ नहीं होगा अन्याय

सतना सांसद गणेश सिंह को सौंपे गए मांग पत्र में स्पष्ट किया गया कि ईमानदार पत्रकारों को झूठे मामलों में फंसाया जाना लोकतंत्र के लिए घातक है। सांसद ने इस विषय की गंभीरता को देखते हुए मौके पर ही पुलिस अधीक्षक (SP) को फोन कर निर्देशित किया कि पत्रकारों के विरुद्ध आने वाली किसी भी शिकायत पर पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से कार्य किया जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि कर्तव्यनिष्ठ पत्रकारों को पूर्ण सुरक्षा और संरक्षण प्रदान किया जाएगा।

पत्रकार सुरक्षा कानून की पुरजोर मांग

बेदान्ती त्रिपाठी ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला:

  • बढ़ती प्रताड़ना: पिछले कुछ वर्षों में पत्रकारों पर फर्जी मामलों की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है, जबकि पत्रकारों की शिकायतों पर पुलिस अक्सर लीपापोती करती है।

  • सुरक्षा कानून: लंबे समय से लंबित 'पत्रकार सुरक्षा कानून' को लागू करने की मांग को परिषद ने फिर से दोहराया है।

  • भ्रष्टाचार पर प्रहार: त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग के कुछ भ्रष्ट तत्व अपने स्वार्थ के लिए पत्रकारों को निशाना बनाने हेतु सुनियोजित साजिश रचते हैं और वरिष्ठ अधिकारियों को भी गुमराह करते हैं।

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"दामन साफ रखें पत्रकार": राष्ट्रीय अध्यक्ष की अपील

अभियान के दौरान बेदान्ती त्रिपाठी ने पत्रकार साथियों से आत्ममंथन की अपील भी की। उन्होंने कहा:

"हमें अपना पत्रकारिता धर्म पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निभाना चाहिए। यदि हमारा खुद का दामन पाक-साफ है, तो हम किसी भी झूठे आरोप या फर्जी मुकदमे का डटकर मुकाबला कर सकते हैं। हमें ऐसी स्थिति पैदा नहीं करनी चाहिए जिससे सार्वजनिक मंच पर शर्मिंदा होना पड़े।"

अभियान की रूपरेखा

संगठन के सचिव गिरीश अग्रवाल के मार्गदर्शन में शुरू हुआ यह अभियान अब प्रदेश के अन्य जिलों में भी विस्तारित किया जाएगा। पत्रकार कल्याण परिषद की मुख्य मांग है कि पत्रकारों को सुरक्षा दी जाए और उन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हो जो भ्रष्टाचार को संरक्षण देने के लिए पत्रकारों को प्रताड़ित करते हैं।

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