कैबिनेट का बड़ा फैसला: जल जीवन मिशन 2.0 को मिली मंजूरी, दिसंबर 2028 तक बढ़ा समय Jal Jeevan Mission 2.0, Water Supply Governance, Rural Community Participation
- Mar 10
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'जल जीवन मिशन' (JJM) के विस्तार और इसके स्वरूप में बड़े बदलावों को मंजूरी दे दी है। अब इस अभियान को JJM 2.0 के रूप में जाना जाएगा, जिसका मुख्य ध्यान केवल पाइप बिछाने पर नहीं, बल्कि पानी की निरंतर सप्लाई और बेहतर गवर्नेंस पर होगा।

इस महत्वपूर्ण घोषणा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. बजट में भारी बढ़ोतरी
कैबिनेट ने इस मिशन के कुल परिव्यय (Outlay) को बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी को 2.08 लाख करोड़ से बढ़ाकर 3.59 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, यानी 1.51 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
2. "सुजलम भारत" डिजिटल फ्रेमवर्क
पारदर्शिता के लिए एक नेशनल डिजिटल फ्रेमवर्क 'सुजलम भारत' शुरू किया जाएगा। इसके तहत:
हर गाँव को एक यूनिक 'सुजल गाँव ID' दी जाएगी।
स्रोत (Source) से लेकर नल (Tap) तक पूरे सिस्टम की डिजिटल मैपिंग होगी।
योजनाओं को सौंपने के लिए 'जल अर्पण' प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
Jal Jeevan Mission 2.0, Water Supply Governance, Rural Community Participation
3. ग्राम पंचायतों की भूमिका और 'जल उत्सव'
कोई भी गाँव खुद को 'हर घर जल' प्रमाणित तभी कर पाएगा, जब वहां रख-रखाव (Maintenance) की ठोस व्यवस्था होगी।
समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के लिए हर साल 'जल उत्सव' मनाया जाएगा, ताकि लोग पानी की जिम्मेदारी खुद उठा सकें।
4. अब तक की उपलब्धियां
2019 में केवल 17% ग्रामीण घरों में नल था, जो अब बढ़कर 81.61% (15.80 करोड़ घर) हो गया है।
SBI रिसर्च के अनुसार, इस मिशन ने 9 करोड़ महिलाओं को पानी ढोने के बोझ से मुक्त किया है।
WHO के मुताबिक, इससे 4 लाख मौतों (डायरिया) को रोका जा सकेगा।
5. लक्ष्य: 'विकसित भारत @2047'
JJM 2.0 का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक देश के सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल से जल प्रदान करना है। इसका अंतिम उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में 24×7 पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।











