जबलपुर: एकलव्य आवासीय विद्यालय की आदिवासी नर्स ने किया सुसाइड का प्रयास, प्राचार्य पर प्रताड़ना के गंभीर आरोपWorkplaceHarassment, AdministrativeNegligence, TribalRights
- Feb 1
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जबलपुर (मध्य प्रदेश):(source X) रामपुर स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रशासनिक व्यवस्थाओं और कार्यस्थल पर उत्पीड़न का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ पदस्थ एक आदिवासी महिला स्टाफ नर्स ने कथित तौर पर प्राचार्य की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया। पीड़िता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है।
घटना का मुख्य विवरण
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता लंबे समय से कार्यस्थल पर मानसिक उत्पीड़न और भेदभाव का सामना कर रही थी। उन्होंने अपनी शिकायत में विद्यालय के प्राचार्य पर निम्नलिखित आरोप लगाए हैं:
लगातार मानसिक दबाव बनाना और अपमानित करना।
कार्यों में अनावश्यक हस्तक्षेप और प्रशासनिक शक्ति का दुरुपयोग।
शिकायत के बावजूद विभागीय स्तर पर सुनवाई न होना।
प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठे सवाल
पीड़िता ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने से पहले जनजातीय विभाग और पुलिस अधीक्षक (SP) जबलपुर को लिखित शिकायत दी थी। आरोप है कि समय रहते प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे हताश होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
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राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
इस घटना ने अब तूल पकड़ लिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस नेता विक्रांत भूरिया और अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार और प्रशासन को घेरा है:
विक्रांत भूरिया ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय पर कार्रवाई होती, तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
आदिवासी कांग्रेस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदिवासी महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है।
स्थानीय आक्रोश
घटना के बाद से ही आदिवासी संगठनों और स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में विस्तृत जांच रिपोर्ट का इंतजार है।











