top of page

नारी शक्ति का सम्मान: उदयपुर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर गूंजा 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' का संदेश InternationalWomensDay2026, EmpoweringEducation, UdaipurCommunityEvents

  • Mar 8
  • 2 min read

उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर में आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नारी शक्ति के सम्मान और बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। जिले के शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं की समाज में भागीदारी और उनके अधिकारों को लेकर व्यापक अलख जगाई गई।

InternationalWomensDay2026, EmpoweringEducation, UdaipurCommunityEvents

जागरूकता रैलियों से दिया शिक्षा का संदेश

सुबह की शुरुआत भव्य जागरूकता रैलियों के साथ हुई। स्कूली छात्राओं, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ" और "शिक्षित नारी, सशक्त समाज" के नारे लगाए। इन रैलियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त करने का संदेश दिया गया।

संगोष्ठियों में अधिकारों पर हुई चर्चा

जिले के विभिन्न सरकारी संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) द्वारा विशेष संगोष्ठियों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में वक्ताओं ने कहा कि:

  • महिला सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी शिक्षा है।

  • आधुनिक युग में महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।

  • समाज के विकास के लिए महिलाओं का आर्थिक और सामाजिक रूप से स्वतंत्र होना अनिवार्य है।

InternationalWomensDay2026, EmpoweringEducation, UdaipurCommunityEvents

प्रतिभाशाली महिलाओं का हुआ सम्मान

आयोजनों के दौरान समाज सेवा, शिक्षा, खेल और प्रशासन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों और अतिथियों ने सम्मानित महिलाओं के संघर्ष और सफलता की कहानियों को साझा कर अन्य बालिकाओं को प्रेरित किया।

आमजन से अपील

कार्यक्रमों के समापन पर उपस्थित जनों ने शपथ ली कि वे अपने आस-पास किसी भी बालिका को शिक्षा से वंचित नहीं रहने देंगे और महिलाओं के प्रति सम्मानजनक वातावरण बनाए रखेंगे। वक्ताओं ने जोर दिया कि केवल एक दिन उत्सव मनाना काफी नहीं है, बल्कि हर दिन महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लेना होगा।

खास बात: इस वर्ष कार्यक्रमों में तकनीकी शिक्षा और डिजिटल साक्षरता पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी नई तकनीक से जुड़ सकें।

Top Stories

1/3
bottom of page