लाड़ली बहना योजना: मंत्री करण सिंह वर्मा के बयान पर मचा सियासी घमासान, कांग्रेस का तीखा पलटवारLadliBehnaDebate, PoliticalAccountability, WomenInPolitics
- Feb 6
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सीहोर/भोपाल। मध्य प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा का एक ताजा बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। सीहोर के ग्राम धामंदा में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने लाड़ली बहना योजना को लेकर महिलाओं को मंच से ही 'चेतावनी' दे डाली, जिस पर अब मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है।
मंत्री की दो टूक: "नहीं आईं तो नाम काट दिया जाएगा"
ग्राम धामंदा में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में महिलाओं की कम संख्या देखकर मंत्री करण सिंह वर्मा भड़क गए। उन्होंने मंच से संबोधन के दौरान कहा:
"यहाँ गाँव में 894 लाड़ली बहनों को 1500 रुपये महीना दे रहे हैं, और आई कितनी बहनें हैं? एक दिन CEO को बोलकर सभी लाड़ली बहनों को बुलाऊंगा और नहीं आईं तो नाम काटा जाएगा। जो सरकार दे रही है, उसके लिए बोलो तो सही।"
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जीतू पटवारी का तीखा हमला: "क्या बहनें सिर्फ भीड़ का हिस्सा हैं?"
मंत्री के इस बयान का वीडियो वायरल होते ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर टैग करते हुए सरकार को घेरा। पटवारी ने मंत्री के इस बयान को सत्ता का अहंकार बताया और कई गंभीर सवाल खड़े किए:
अहंकार की पराकाष्ठा: पटवारी ने कहा कि भाजपा मंत्रियों को लगता है कि यह पैसा उनकी जेब से दिया जा रहा है, जबकि यह जनता का पैसा है।
पात्रता पर सवाल: उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या आपकी सरकार में ऐसा कोई प्रावधान है कि भाजपा कार्यक्रम में न आने पर बहनों का नाम पात्र सूची से काट दिया जाए?
वोट बैंक की राजनीति: कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा का असली चेहरा सामने आ गया है, जहाँ महिलाओं का सम्मान सिर्फ वोट लेने तक सीमित है और उन्हें केवल सरकारी कार्यक्रमों की भीड़ समझा जा रहा है।
मुख्यमंत्री से माफी की मांग
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री जी, प्रदेश की बहनों का इस तरह अपमान करने के लिए अपने मंत्री से हाथ जोड़कर सार्वजनिक माफी मंगवाइए।











