राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर बदहाल यात्री सुविधाएं, शौचालयों पर ताले ने बढ़ाई परेशानी (HighwaySanitation TravelerIssues PublicToiletCrisis on NH-46 | GAMÁKI MEDIA)
- Dec 25, 2025
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केंद्र सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर जगह-जगह आधुनिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे ठीक उलट नजर आ रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर यात्रियों की सुविधाओं के लिए बनाए गए शौचालयों पर ताले लटके होने से राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर लंबी दूरी तय करने वाले यात्री मजबूरी में खुले में शौच करने को विवश हैं, जिससे स्वच्छता अभियान की भी खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं।
HighwaySanitation TravelerIssues PublicToiletCrisis on NH-46
प्राप्त जानकारी के अनुसार बैतूल से लेकर अब्दुल्लागंज तक राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर कुंडी टोल प्लाजा से कुछ ही दूरी पर नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा बनाया गया शौचालय बंद पड़ा है। शौचालय पर ताला लगा होने के कारण यात्रियों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। दिन-रात हजारों छोटे-बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, जिनमें बसें, ट्रक, निजी वाहन और दोपहिया वाहन शामिल हैं। ऐसे में शौचालय बंद होना यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बन गया है।
महिला यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी
इस समस्या का सबसे अधिक असर महिला यात्रियों पर पड़ रहा है। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय की आवश्यकता होती है, लेकिन सुविधा के अभाव में उन्हें काफी असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। कई महिलाएं मजबूरी में यात्रा को रोकने या फिर सुनसान स्थान तलाशने को मजबूर हो जाती हैं, जो उनकी सुरक्षा और सम्मान दोनों के लिहाज से चिंताजनक है।
स्वच्छ भारत अभियान पर सवाल
सरकार द्वारा ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के तहत खुले में शौच मुक्त भारत का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत हाईवे किनारे शौचालयों का निर्माण भी कराया गया, ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके। लेकिन शौचालयों पर ताले लटके होने से इस अभियान की सार्थकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शौचालय बनाकर उन्हें बंद रखना केवल कागजी कार्रवाई बनकर रह गया है।
टोल वसूली जारी, सुविधाएं नदारद
यात्रियों का यह भी कहना है कि जहां एक ओर कुंडी टोल प्लाजा पर लगातार टोल टैक्स की वसूली की जा रही है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। टोल देने के बावजूद शौचालय, साफ सड़क और अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव यात्रियों में नाराजगी पैदा कर रहा है।
पहले भी लग चुकी है फटकार
उल्लेखनीय है कि हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री द्वारा इस मार्ग की खराब स्थिति को लेकर हाईवे अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई थी। इसके बावजूद अब तक जमीनी स्तर पर सुधार नजर नहीं आ रहा है। शौचालयों का बंद होना इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि निरीक्षण और निर्देशों के बाद भी जिम्मेदार एजेंसियां यात्रियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही हैं।
जिम्मेदारों से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से मांग की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर बने शौचालयों को तत्काल खोलकर नियमित रूप से संचालित किया जाए। साथ ही उनकी साफ-सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी तय की जाए, ताकि यात्रियों को वास्तविक रूप से सुविधा मिल सके।
यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो न केवल यात्रियों की परेशानी बढ़ेगी, बल्कि स्वच्छता और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी गंभीर असर पड़ेगा। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग कब तक इस समस्या का समाधान कर यात्रियों को राहत पहुंचाता है।











