top of page

तारमखेड़ा: बिजली विभाग की 'निरंकुशता' और 'भ्रष्टाचार' ने किसान को किया तबाह, 10 साल की लापरवाही अब जानलेवा GovernmentNegligence, IllegalPractices, CommunityProtests

  • Mar 12
  • 2 min read

तारमखेड़ा (नर्मदापुरम-बैतूल बॉर्डर) | विशेष रिपोर्ट बिजली विभाग के अधिकारियों की तानाशाही और निचले स्तर पर जारी भ्रष्टाचार का खामियाजा आज फिर एक गरीब किसान को भुगतना पड़ा। नर्मदापुरम और बैतूल की सीमा पर स्थित ग्राम तारमखेड़ा में 11 केवी (11KV) की जर्जर और नीचे लटकती लाइनों ने एक किसान की साल भर की मेहनत (चने की फसल) को जलाकर खाक कर दिया।

GovernmentNegligence, IllegalPractices, CommunityProtests

लाइनमैन पर 'अवैध वसूली' के गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने GAMAKI Media Digital की टीम के सामने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि लाइनमैन पवन यादव द्वारा क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों से लगातार अवैध वसूली की जाती रही है। काम करने के बदले पैसों की मांग और डराने-धमकाने का खेल लंबे समय से चल रहा है। कई बार इसकी शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की गई, लेकिन भ्रष्ट तंत्र और अधिकारियों की सांठगांठ के चलते आज तक लाइनमैन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

GovernmentNegligence, IllegalPractices, CommunityProtests

अधिकारियों की चुप्पी और 'निरंकुश' रवैया

इस गंभीर समस्या को लेकर विभाग के आला अधिकारियों को बार-बार अवगत कराया गया था।

  • जिला अभियंता (District Engineer), विद्युत विभाग

  • सहायक अभियंता (AE), शाहपुर

  • कनिष्ठ अभियंता (JE), भौंरा

इन सभी जिम्मेदार अधिकारियों के समक्ष इस विषय पर गहरी चिंता व्यक्त की गई और भविष्य में होने वाले हादसों की चेतावनी दी गई थी। लेकिन अधिकारियों की निरंकुशता और विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते जमीनी स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ। आज ग्रामीण इसी 'सरकारी लूट और सुस्ती' के कारण जीवन और मौत के साए में जीने को मजबूर हैं।

हादसे की भयावहता: राख हुई किसान की उम्मीदें

आज खेत से चने की फसल लेकर जा रही एक ट्रैक्टर-ट्राली ऊपर से लटक रही हाई-टेंशन लाइन की चपेट में आ गई। देखते ही देखते ट्राली में आग लग गई और किसान की पूरी फसल जल गई। ग्रामीणों की तत्परता से एक बड़ी जनहानि तो टल गई, लेकिन आर्थिक रूप से किसान पूरी तरह टूट चुका है।

10 साल का इंतजार और बेजुबानों की मौत

पिछले एक दशक से तारमखेड़ा के ग्रामीण इस मौत के जाल (लटकते तारों) को हटाने की गुहार लगा रहे हैं। अब तक कई मवेशी इन तारों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा चुके हैं। ग्रामीणों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है और उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अब वे आश्वासनों से नहीं मानेंगे। यदि तत्काल इन लाइनों को ऊंचा नहीं किया गया, भ्रष्ट लाइनमैन पर कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित किसान को मुआवजा नहीं मिला, तो बिजली विभाग के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।

"GAMAKI Media का सवाल: आखिर इन अधिकारियों की निरंकुशता और लाइनमैन की गुंडागर्दी का अंत कब होगा? क्या किसी की जान जाने के बाद ही विभाग की नींद खुलेगी?"

Top Stories

1/3
bottom of page