मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025: हरित परिवहन की दिशा में सरकार का बड़ा कदम GovernmentIncentives, SustainableTransport, EVSubsidies
- Mar 11
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बैतूल | 11 मार्च 2026 मध्यप्रदेश सरकार के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्रदेश को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से "मध्यप्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2025" को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। 27 मार्च 2025 से क्रियान्वित इस नीति का मुख्य लक्ष्य पारंपरिक ईंधन (पेट्रोल-डीजल) पर निर्भरता कम करना और नागरिकों को इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर प्रोत्साहित करना है।

प्रमुख आकर्षण: वित्तीय रियायतें और सब्सिडी
राज्य शासन ने इस नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी को सुलभ बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं:
पंजीयन एवं टैक्स में छूट: नए इलेक्ट्रिक वाहनों के क्रय पर उपभोक्ताओं को पंजीयन शुल्क (Registration Fee) और मोटरयान कर (Motor Vehicle Tax) में विशेष छूट दी जा रही है।
रेट्रोफिटिंग को बढ़ावा: पुराने पेट्रोल, डीजल या सीएनजी वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने (Retrofitting) के लिए भी वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
चार्जिंग स्टेशन पर 30% अनुदान: प्रदेश को 'इलेक्ट्रिक व्हीकल हब' बनाने के लिए सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना पर सरकार 30 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है।
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"ईव्ही तरंग पोर्टल" से आवेदन हुआ आसान
प्रक्रिया को पारदर्शी और पेपरलेस बनाने के लिए शासन ने "ईव्ही तरंग पोर्टल" लॉन्च किया है।
हितग्राही अब घर बैठे इस पोर्टल के माध्यम से सब्सिडी और अन्य लाभों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
यह डिजिटल प्लेटफॉर्म आवेदनों के त्वरित निराकरण और सीधे लाभ वितरण (DBT) को सुनिश्चित करता है।
स्वच्छ एवं हरित मध्यप्रदेश का संकल्प
शासन ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण के इस महाअभियान में भागीदार बनें। इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाकर न केवल व्यक्तिगत ईंधन खर्च में बचत की जा सकती है, बल्कि कार्बन उत्सर्जन को कम कर भविष्य की पीढ़ियों को एक स्वच्छ वातावरण भी दिया जा सकता है।











