पश्चिम एशिया में महायुद्ध के बीच भारत का 'मास्टरप्लान': न बिजली जाएगी, न तेल की होगी कमी; मोदी सरकार के कड़े फैसलों से दुनिया हैरान! GlobalCrisisResponse, FuelManagement, GovernmentInitiatives
- 5 days ago
- 2 min read

नई दिल्ली | विशेष (courtesy pib)
दुनिया भर में पश्चिम एशिया (West Asia) के तनाव को लेकर हाहाकार मचा है, लेकिन भारत ने अपनी अभेद्य रणनीति से यह साफ कर दिया है कि देश की रफ्तार नहीं रुकेगी। आज नेशनल मीडिया सेंटर में हुई हाई-लेवल ब्रीफिंग में सरकार ने अपने 'एक्शन प्लान' का खुलासा किया, जो बताता है कि भारत हर मोर्चे पर पूरी तरह तैयार है।
पावर सेक्टर का 'शक्ति प्रदर्शन': अंधेरे की हर साज़िश नाकाम
दुनिया भर में बिजली संकट की आहट है, लेकिन भारत का पावर ग्रिड चट्टान की तरह खड़ा है। 531 GW की विशाल क्षमता के साथ सरकार ने साफ कर दिया है कि गर्मियों में भी बिजली की कोई किल्लत नहीं होगी। कोयले का पर्याप्त स्टॉक और रिन्यूएबल एनर्जी की ताकत ने भारत को इस संकट में भी 'अभेद्य' बना दिया है।
पेट्रोलियम पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': जमाखोरों की अब खैर नहीं
ईंधन की कालाबाज़ारी करने वालों पर सरकार ने हंटर चला दिया है। अब तक देशभर में 1.2 लाख छापे मारे गए और 57,000 से अधिक अवैध सिलेंडर ज़ब्त किए गए। जनता को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर ₹10 की एक्साइज ड्यूटी घटा दी है, ताकि वैश्विक महंगाई का असर आम आदमी की जेब पर न पड़े।
'मिशन पीएनजी': गैस सप्लाई में रिकॉर्ड तोड़ तेज़ी
जहां दुनिया एलपीजी के लिए परेशान है, वहीं भारत ने PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) की रफ्तार को 'टॉप गियर' में डाल दिया है। पिछले एक महीने में 4 लाख से ज्यादा नए कनेक्शन दिए गए हैं। अस्पतालों और स्कूलों को गैस सप्लाई में सबसे ऊपर रखा गया है ताकि इमरजेंसी सेवाएं बाधित न हों।
GlobalCrisisResponse, FuelManagement, GovernmentInitiatives
समंदर में भारत का दबदबा: सप्लाई चेन 'फुल स्पीड' पर
लाल सागर (Red Sea) और फारस की खाड़ी में जारी युद्ध के बावजूद भारतीय बंदरगाहों पर कोई जाम नहीं है। कांडला और JNPT जैसे बड़े पोर्ट्स पर कंटेनरों की भीड़ को 90% से ज्यादा कम कर दिया गया है। भारत की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था युद्ध के साये में भी सुचारू रूप से दौड़ रही है।
जयशंकर का 'सुरक्षा कवच': भारतीयों की जान सर्वोपरि
युद्धग्रस्त इलाकों में फंसे हर भारतीय की सुरक्षा के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर का 'मिशन रेस्क्यू' चौबीसों घंटे एक्टिव है। ईरान से लेकर इज़राइल तक, भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए वैकल्पिक रास्ते तैयार हैं। अब तक 8.4 लाख से ज्यादा लोग सुरक्षित घर लौट चुके हैं। वहीं, लेबनान में हो रहे नागरिक नुकसान पर भारत ने कड़ी चिंता जताते हुए शांति की अपील की है।
दुनिया का 'संकटमोचक' बना भारत
संकट के इस दौर में भी भारत सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि पड़ोसियों की भी चिंता कर रहा है। श्रीलंका को तेल भेजना हो या मॉरीशस के साथ नई गैस डील, भारत ने साबित कर दिया है कि वह केवल एक उभरती शक्ति नहीं, बल्कि दुनिया का एक जिम्मेदार 'बड़े भाई' और भरोसेमंद लीडर है।











