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सुप्रीम कोर्ट की फटकार का असर? चौतरफा घिरे मंत्री विजय शाह ने अब सेना और महिला अधिकारी से मांगी माफी ! factcheck, PoliticalControversy, LegalAccountability, WomenInLeadership

  • Feb 7
  • 2 min read

भोपाल/दिल्ली: भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में मध्य प्रदेश के मंत्री कुंवर विजय शाह की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार को मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने (Prosecution Sanction) पर दो सप्ताह के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिए जाने के बाद, मंत्री शाह के सुर बदल गए हैं।



कानूनी शिकंजे के डर से जागी 'भावना'?

कल तक अपने बयानों पर अड़े रहने वाले मंत्री अब कह रहे हैं कि उनके "शब्द गलत थे, भावना नहीं"। लेकिन समय (Timing) पर गौर करें तो यह माफी तब आई है जब सुप्रीम कोर्ट ने सीधे तौर पर राज्य सरकार से जवाब तलब कर लिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह माफी किसी 'आत्ममंथन' का परिणाम नहीं, बल्कि कोर्ट की कार्यवाही से बचने का एक सुरक्षा कवच है।

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खबर के तीखे पहलू:

  • सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख: 19 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि कर्नल सोफिया कुरैशी को निशाना बनाने वाले आपत्तिजनक बयानों पर कानूनी कार्यवाही की अनुमति देने में देरी नहीं की जा सकती।

  • सेना के सम्मान का सौदा? मंत्री जी ने इसे "छोटी सी त्रुटि" कहा है, लेकिन एक सैन्य अधिकारी की गरिमा पर चोट करना कानून की नजर में गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।

  • जिम्मेदारी से भागने की कोशिश: क्या "आवेश में शब्द निकल गए" कहना एक कैबिनेट मंत्री के लिए पर्याप्त बचाव है? खासकर तब जब मामला देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक महिला अधिकारी के सम्मान का हो।



क्या कानूनी कार्रवाई से बच पाएंगे शाह?

सार्वजनिक माफी मांगकर मंत्री विजय शाह ने अपनी तरफ से डैमेज कंट्रोल की कोशिश तो की है, लेकिन अब गेंद मध्य प्रदेश सरकार के पाले में है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, दो हफ्ते के भीतर सरकार को यह तय करना है कि क्या शाह के खिलाफ मुकदमा चलेगा।

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