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बैतूल: 1 अप्रैल से खाद वितरण के लिए ई-टोकन अनिवार्य, कलेक्टर ने दी सख्त हिदायत ETokenSystem, BlackMarketPrevention, DigitalFertilizerDistribution

  • Mar 27
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बैतूल | 27 मार्च 2026 जिले में जायद (Garmi ki fasal) के मौसम को देखते हुए प्रशासन ने खाद वितरण व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया है कि 1 अप्रैल 2026 से जिले में खाद का वितरण केवल ई-टोकन (e-Token) के माध्यम से ही किया जाएगा।

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बैठक की मुख्य बातें और आंकड़े:

कलेक्टर द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में कृषि, उद्यानिकी और सिंचाई विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में खाद वितरण की वर्तमान स्थिति साझा की गई:

  • जारी ई-टोकन: अब तक जिले में 5,981 ई-टोकन जारी किए जा चुके हैं।

  • वितरित खाद: इन टोकन के माध्यम से 3,448.59 मीट्रिक टन खाद किसानों तक पहुंचाई जा चुकी है।


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किसानों की सुविधा के लिए विशेष निर्देश:

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने विकासखंडवार (Block-wise) समीक्षा करते हुए मैदानी अमले को निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:

  1. जागरूकता अभियान: किसानों को ई-टोकन जनरेट करने की प्रक्रिया समझाने के लिए WhatsApp और SMS के जरिए छोटी फिल्में (Videos) भेजी जाएं।

  2. टीम वर्क: पटवारी, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक और समिति प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों की हर संभव मदद करें।

  3. एग्रिस्टेक (Agristack) लिंकिंग: जिन किसानों के सर्वे नंबर एग्रिस्टेक आईडी से लिंक नहीं हैं, उनके आवेदन 'ई-विकास प्रणाली' के जरिए तुरंत अपडेट कराए जाएं ताकि खाद मिलने में कोई तकनीकी बाधा न आए।

पारदर्शिता पर जोर:

प्रशासन का मुख्य उद्देश्य खाद की कालाबाजारी रोकना और कतारों को खत्म कर सीधे किसानों को लाभ पहुंचाना है। निजी उर्वरक विक्रेताओं और डबल लॉक केंद्रों पर भी ई-टोकन व्यवस्था की निगरानी की जाएगी।

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