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विधानसभा चुनाव 2026: पांच राज्यों में निष्पक्ष मतदान हेतु 1,111 केंद्रीय पर्यवेक्षक तैनात

  • Mar 17
  • 2 min read

नई दिल्ली | 17 मार्च 2026

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 6 राज्यों में होने वाले उपचुनावों के लिए अपनी तैयारी तेज कर दी है। चुनाव को पूरी तरह पारदर्शी, हिंसा मुक्त और प्रलोभन मुक्त बनाने के उद्देश्य से आयोग ने कुल 1,111 केंद्रीय पर्यवेक्षकों (Observers) की तैनाती की है।

मुख्य चुनाव आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने स्पष्ट किया है कि पर्यवेक्षकों की मुख्य जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता बिना किसी भय या पक्षपात के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

पर्यवेक्षकों की तैनाती का राज्यवार विवरण

चुनाव आयोग द्वारा तैनात किए गए सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षकों का डेटा इस प्रकार है:

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश

सीटें

सामान्य पर्यवेक्षक

पुलिस पर्यवेक्षक

व्यय पर्यवेक्षक

पश्चिम बंगाल

294

294

84

100

तमिलनाडु

234

136

40

151

केरल

140

51

17

40

असम

126

51

35

50

पुडुचेरी

30

17

04

17

उप-चुनाव

08

08

08

08

कुल योग

832

557

188

366






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18 मार्च तक संभालेंगे कार्यभार

आयोग ने सभी 1,111 पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया है कि वे 18 मार्च, 2026 तक अपने संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से पहुंच जाएं। पहुंचने के तुरंत बाद, वे अपने संपर्क विवरण सार्वजनिक करेंगे ताकि आम जनता और राजनीतिक दल आसानी से उनसे संपर्क कर सकें।

शिकायत निवारण के लिए निश्चित समय

पर्यवेक्षक हर दिन एक निश्चित समय तय करेंगे, जिसमें उम्मीदवार, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि या जनता के सदस्य उनसे मिल सकेंगे और चुनाव संबंधी अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।

संवैधानिक शक्तियां और महत्व

इन पर्यवेक्षकों की नियुक्ति संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी के तहत की गई है। ये अधिकारी जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया के कुशल प्रबंधन की निगरानी करते हैं और निष्पक्ष चुनाव कराने में आयोग के 'कान और आंख' के रूप में कार्य करते हैं।

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