मध्यप्रदेश बजट 2026-27: 'रोलिंग बजट' पेश करने वाला देश का पहला राज्य बना एमपी; ₹4.38 लाख करोड़ का प्रावधान EconomicGrowth2026, InfrastructureRevolution, SocialWelfareBudget
भोपाल/बैतूल | 18 फरवरी, 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को 'समृद्ध, सुखद और सम्पन्न मध्यप्रदेश' के संकल्प की सिद्धि बताया है। विधानसभा में ₹4,38,317 करोड़ का बजट प्रस्तुत होने के बाद अपनी प्रतिक्रिया में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'ज्ञान' (Gyan - गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति) मॉडल पर आधारित है, जिसमें अब 'इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर' (I) को भी जोड़कर 'ज्ञानी' (GYANI) मार्गदर्शी सिद्धांत अपनाया गया है।

बजट की मुख्य विशेषताएं: एक नज़र में
ऐतिहासिक उपलब्धि: मध्यप्रदेश 'रोलिंग बजट' (Rolling Budget) प्रस्तुत करने वाला देश का संभवतः पहला राज्य बन गया है।
आर्थिक विकास: राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) 10.69% की वृद्धि के साथ ₹18,48,274 करोड़ अनुमानित है।
कर मुक्त बजट: पिछले वर्ष की भांति इस बार भी प्रदेश की जनता पर किसी भी प्रकार के नए टैक्स का बोझ नहीं डाला गया है।
प्रति व्यक्ति आय: वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय में 9% की वृद्धि दर्ज की गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति: प्रदेश के इतिहास में पहली बार बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹1 लाख करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है।
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प्रमुख क्षेत्रों हेतु वित्तीय आवंटन
1. कृषि एवं किसान कल्याण (किसान कल्याण वर्ष)
सरकार ने इस वर्ष को किसान कल्याण के लिए समर्पित किया है, जिसके लिए कुल ₹1,15,013 करोड़ का विशाल बजट रखा गया है:
उत्पादन वृद्धि: ₹28,158 करोड़
आदान व्यवस्था: ₹64,995 करोड़
सुरक्षा चक्र: ₹13,769 करोड़
2. महिला एवं बाल विकास
लाड़ली बहना योजना: ₹23,883 करोड़ का आवंटन। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित नहीं रहेगा।
यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना: बच्चों के पोषण हेतु ₹700 करोड़ का प्रावधान (आगामी 5 वर्षों में ₹6,600 करोड़ का लक्ष्य)।
3. शहरी एवं ग्रामीण नवाचार
द्वारका योजना: शहरों में अधोसंरचना विकास के लिए आगामी 3 वर्षों में ₹5,000 करोड़ का निवेश।
स्वामित्व योजना: ग्रामीण आबादी भूमि पर मालिकाना हक के लिए स्टाम्प एवं पंजीयन शुल्क का वहन राज्य सरकार करेगी (₹3,800 करोड़ का प्रावधान)।
सिंहस्थ 2028: महापर्व की तैयारियों हेतु ₹3,060 करोड़ का तात्कालिक प्रावधान।
4. पर्यटन, विमानन एवं वन्यजीव
पीएमश्री हेली सर्विस: पर्यटकों के लिए किफायती हवाई यात्रा (मात्र 1/10 किराया)।
चीता प्रोजेक्ट: कूनो नेशनल पार्क में चीतों की संख्या 38 पहुंची; बोत्सवाना से 8 नए वयस्क चीते लाने की तैयारी।
हवाई यातायात: एयर एम्बुलेंस और हवाई सेवाओं के विस्तार पर विशेष जोर।
मुख्यमंत्री का विजन: विकसित मध्यप्रदेश @2047
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बजट केवल एक वर्ष का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि अमृतकाल 2047 के लिए विकास का पैमाना है। सुशासन, पर्यावरण संरक्षण, और सांस्कृतिक पुनरुत्थान को केंद्र में रखते हुए यह बजट मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा करने वाला सिद्ध होगा।











