जनगणना 2027: अब नागरिक स्वयं दर्ज कर सकेंगे जानकारी, 16 अप्रैल से खुलेगा स्व-गणना पोर्टल DigitalCensusIndia, CommunityParticipation, AccurateDataCollection
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डिजिटल इंडिया के तहत अभिनव पहल; 14 भाषाओं में उपलब्ध पोर्टल पर मात्र 15-20 मिनट में पूरी होगी प्रक्रिया
बैतूल | 08 अप्रैल 2026 आगामी जनगणना 2027 को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और जन-सहभागी बनाने के लिए भारत सरकार ने 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) की सुविधा शुरू की है। इस पहल के माध्यम से नागरिक अब स्वयं अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। जिला योजना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी नरेन्द्र कुमार गौतम ने बताया कि यह डिजिटल कदम नागरिकों को सशक्त बनाने और डेटा संकलन को सटीक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

दो चरणों में संपन्न होगी जनगणना
जनगणना की प्रक्रिया को दो मुख्य चरणों में विभाजित किया गया है:
प्रथम चरण: मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच होगा।
द्वितीय चरण: मुख्य जनसंख्या गणना का कार्य फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा।
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स्व-गणना पोर्टल: प्रक्रिया और समय-सीमा
डेटा संकलन के लिए इस बार उन्नत तकनीक और 'एचएलओ मोबाइल एप्लीकेशन' का उपयोग किया जा रहा है। स्व-गणना के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां निम्नलिखित हैं:
पोर्टल लिंक: नागरिक se.census.gov.in पर जाकर जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
उपलब्धता: यह पोर्टल सर्वेक्षण शुरू होने से 15 दिन पूर्व यानी 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक खुला रहेगा।
बहुभाषी सुविधा: पोर्टल हिंदी और अंग्रेजी सहित 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध है।
समय: परिवार का कोई भी सदस्य मात्र 15 से 20 मिनट में विवरण दर्ज कर सकता है।
SE ID और सत्यापन अनिवार्य
ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नागरिकों को उनके मोबाइल या ईमेल पर एक स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) प्राप्त होगी। जब प्रगणक (Enumerator) सत्यापन के लिए घर आएंगे, तब उन्हें यह SE ID दिखाना अनिवार्य होगा। यदि पोर्टल का डेटा मौजूदा रिकॉर्ड से मेल खाता है, तो उसे सीधे स्वीकार कर लिया जाएगा। मिलान न होने की स्थिति में प्रगणक द्वारा नई जानकारी एकत्रित की जाएगी।
कलेक्टर की अपील: राष्ट्र निर्माण में दें योगदान
कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि स्व-गणना से न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि सटीक और गुणवत्तापूर्ण आंकड़े प्राप्त होंगे। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे इस डिजिटल सुविधा के प्रति जागरूकता फैलाएं और अधिक से अधिक लोगों को स्व-गणना के लिए प्रेरित करें। यह विश्वसनीय आंकड़े भविष्य की सरकारी नीतियों और योजनाओं के निर्माण का मुख्य आधार बनेंगे।











