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सावधान! बैतूल में "डिजिटल अरेस्ट" का बड़ा शिकार हुए रिटायर्ड बैंक कर्मी, गंवाए ₹23.50 लाख CyberFraudAlert SeniorSafety DigitalScams

  • Jan 7
  • 2 min read

जिला पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशानुसार चलाए जा रहे साइबर जागरूकता अभियान के बावजूद ठगों ने एक बुजुर्ग को अपना निशाना बनाया है। थाना गंज क्षेत्र में साइबर ठगों ने "डिजिटल अरेस्ट" का डर दिखाकर एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी से ₹23.50 लाख की बड़ी राशि हड़प ली। CyberFraudAlert SeniorSafety DigitalScams

CyberFraudAlert SeniorSafety DigitalScams

क्या है पूरा मामला?

विनायक रेसिडेंसी निवासी 80 वर्षीय बसंत कुमार मैदमवार (सेवानिवृत्त हेड कैशियर, SBI) के पास 27 नवंबर 2025 को एक व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया और दावा किया कि बसंत कुमार के आधार कार्ड से जारी सिम का उपयोग ब्लैकमेलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है।

ठगों ने पीड़ित को विश्वास दिलाया कि उनके खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच में FIR दर्ज है और उन्हें "डिजिटल अरेस्ट" किया गया है। गिरफ्तारी का डर दिखाकर ठगों ने उनके खातों की "जांच" के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया।

दो किस्तों में ट्रांसफर किए ₹23.50 लाख

लगातार कॉल और मानसिक दबाव के कारण डरे हुए पीड़ित ने 1 दिसंबर 2025 को कुल ₹23,50,000/- दो अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए:

  • ₹13.50 लाख: यस बैंक के खाते में।

  • ₹10.00 लाख: फिनो बैंक के खाते में।

धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब अगले दिन पीड़ित गोल्ड लोन लेने बैंक पहुंचे और प्रबंधक ने उन्हें बताया कि वे साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। इसके बाद तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस की कार्रवाई

थाना गंज पुलिस ने अपराध क्रमांक 04/26 के तहत बीएनएस की धारा 318(4) और 308 के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की मदद से ठगी में इस्तेमाल हुए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन का महत्वपूर्ण संदेश:

  • कानूनी तथ्य: "डिजिटल अरेस्ट" जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया अस्तित्व में नहीं है। कोई भी सरकारी एजेंसी (CBI, ED या पुलिस) फोन पर गिरफ्तारी की धमकी देकर पैसे नहीं मांगती।

  • सतर्कता: अनजान वीडियो कॉल से न डरें। आधार या बैंक खातों से जुड़ी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।

  • तुरंत रिपोर्ट करें: यदि ठगी का आभास हो, तो तत्काल 1930 डायल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

महत्वपूर्ण जानकारी

बीते वर्ष देश भर में लगभग 20 लाख साइबर ठगी के मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें नागरिकों ने ₹33,000 करोड़ से अधिक गंवाए हैं। बैतूल पुलिस पहले भी सारणी में एक वृद्ध को ₹75 लाख की ठगी से बचा चुकी है, लेकिन इस मामले में देरी से मिली सूचना के कारण राशि ट्रांसफर हो गई।

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