महात्मा मनसुखदास बाबा मेले में गोंडी लोक संगीत की धूम, सांस्कृतिक प्रस्तुति CulturalFestivities CommunityCelebration EventHighlights
- Jan 8
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(बैतूल): ऐतिहासिक महात्मा मनसुखदास बाबा मेले के मंच पर बुधवार की शाम आदिवासी लोक संस्कृति के नाम रही। मेले के अंतर्गत आयोजित 'गोंडी म्यूजिक कार्यक्रम' में आदिवासी कलाकारों ने अपनी सुमधुर प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि श्रद्धालु और संगीत प्रेमी देर रात तक झूमते रहे।

सांस्कृतिक संध्या की मुख्य बातें:
प्रमुख कलाकार: कार्यक्रम में 'ले जाऊ होशंगाबाद' फेम लोकप्रिय गायक शिवम इरपाचे, प्रसिद्ध लीड सिंगर ममता उइके और गायक बादल इरपाचे ने अपनी जादुई आवाज का जादू बिखेरा।
पारंपरिक रंग: कलाकारों ने पारंपरिक गोंडी गीतों और वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों के साथ आदिवासी विरासत को जीवंत कर दिया।
उद्देश्य: इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय लोक कला को संरक्षण देना और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों व सांस्कृतिक मूल्यों से रूबरू कराना है।
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अतिथियों ने की सराहना
कार्यक्रम के दौरान नगर परिषद शाहपुर के अध्यक्ष रोहित विक्की नायक और उपाध्यक्ष पम्मी छोटू राठौर विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल मनोरंजन करते हैं, बल्कि समाज में सांस्कृतिक एकता और समरसता का संदेश भी देते हैं।
इस अवसर पर नगर परिषद के पार्षदगण, मेला आयोजन समिति के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे।
धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक संगम
महात्मा मनसुखदास बाबा मेला क्षेत्र में केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं है, बल्कि यह लोक कलाओं के संरक्षण का एक बड़ा मंच बन चुका है। मेले में उमड़ रही भीड़ और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रति लोगों का उत्साह इसकी सफलता की कहानी बयां कर रहा है।











