डॉ. आनंद मालवीय का इस्तीफा भाजपा सरकार की स्वास्थ्य नीतियों की विफलता: निलय डागा CulturalAwakening SanitationChallenges GrassrootsStrengthening
- Jan 13
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बैतूल। जिला अस्पताल के वरिष्ठ और समर्पित चिकित्सक डॉ. आनंद मालवीय द्वारा सरकारी सेवा से इस्तीफा दिए जाने के बाद प्रदेश की भाजपा सरकार कांग्रेस के निशाने पर आ गई है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष निलय विनोद डागा ने इस इस्तीफे को सरकार के लिए एक गंभीर चेतावनी बताया है।

डॉक्टरों की भारी कमी और बढ़ता दबाव
निलय डागा ने कहा कि बैतूल जिला अस्पताल की स्थिति प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रमाण है। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों के 61 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 27 डॉक्टर ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। रोजाना 1000 से 1200 मरीजों की ओपीडी और करीब 400 मरीजों के भर्ती होने के बावजूद सरकार डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं कर पा रही है। सीमित स्टाफ पर बढ़ते काम के बोझ के कारण अनुभवी डॉक्टर इस्तीफा देने को मजबूर हैं।
डॉ. मालवीय की सेवाएं और उपलब्धियां
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने डॉ. आनंद मालवीय के कार्यकाल की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने 2011 से जिला अस्पताल में बेहतरीन सेवाएं दीं। उनके नेतृत्व में जिले ने टीबी नियंत्रण कार्यक्रम में शानदार प्रदर्शन किया, जिसके लिए उन्हें 2020 में ब्रॉन्ज अवॉर्ड और 2023 में सिल्वर नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। एचआईवी कार्यक्रम में भी उन्होंने मॉडल अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई थी। ऐसे काबिल डॉक्टर का जाना जिले के लिए बड़ी क्षति है।
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सरकारी तंत्र को कमजोर करने का आरोप
निलय डागा ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर सरकारी अस्पतालों को कमजोर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
सरकार भवनों पर करोड़ों खर्च कर रही है, लेकिन डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए कोई ठोस नीति नहीं है।
अनुभवी डॉक्टरों के जाने के बाद सरकार ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला।
डॉ. अशोक बारंगा, डॉ. डब्ल्यूए नागले और डॉ. प्रदीप कुमरा जैसे कई विशेषज्ञों ने पूर्व में शासकीय सेवा छोड़ी, जो चिंता का विषय है।
PPP मॉडल और निजीकरण का विरोध
प्रस्तावित पीपीपी (PPP) मेडिकल कॉलेज पर कड़ा रुख अपनाते हुए डागा ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को पूंजीपतियों के हवाले करना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता का इलाज सरकार की जिम्मेदारी है, इसे व्यापार नहीं बनने दिया जाएगा। कांग्रेस इस निजीकरण के खिलाफ सड़क से सदन तक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेगी।









