top of page

Exclusive-सतपुड़ा के 'फेफड़ों' पर कॉर्पोरेशन की कुल्हाड़ी: चिखली के ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, कलेक्टर से न्याय की गुहार CorruptionExposed, EnvironmentalJustice, CommunityActivism

  • Feb 16
  • 3 min read

बैतूल (शाहपुर) | (GAMĀKI JOURNAL™)16 फरवरी 2026 विशेष ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: राजकमल गुप्ता, GAMAKI MEDIA

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में स्थित शाहपुर ब्लॉक का चिखली (मरदानपुर-भतोड़ी वन परियोजना) गांव आज भ्रष्टाचार और प्रकृति विनाश का कुरुक्षेत्र बन गया है। यहाँ वन विकास निगम (M.P.R.V.V.N. Ltd.) और वन विभाग के कुछ रसूखदार अधिकारियों ने मिलकर आदिवासियों और यादव समुदाय की आजीविका पर 'कुल्हाड़ी' चला दी है ।


एकजुट हुआ समाज: 'जल-जंगल-ज़मीन' की रक्षा का संकल्प

इस लड़ाई में क्षेत्र के दो प्रमुख समुदाय—आदिवासी और यादव—एक साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो गए हैं। कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन और हस्ताक्षरों की सूची इस एकता की गवाह है:

  • आदिवासी नेतृत्व: सरपंच और समिति अध्यक्ष रामकिशोर उइके के साथ बुधराम उइके, अर्जुन उइके, गोलू उइके, कमल भलावी, प्रभुदयाल भर्सकोले, और नाथूराम सरियाम जैसे प्रमुख आदिवासी चेहरों ने इस अवैध कटाई का पुरजोर विरोध किया है ।

  • यादव समाज की भागीदारी: उपाध्यक्ष सविता यादव के नेतृत्व में जीवत यादव, सुभाष यादव, शुभकरण यादव, बस्तीराम यादव, फूलचंद यादव, और अर्जुन यादव ने स्पष्ट किया है कि यह केवल पेड़ नहीं, बल्कि उनकी गाय-भैंसों के चारे और बच्चों के भविष्य का कत्ल है ।

CorruptionExposed, EnvironmentalJustice, CommunityActivism

खबर के बड़े तथ्य (PDF और रिपोर्ट का मेल):

  • बिना अनुमति 'नस्लकुशी': वन सुरक्षा समिति के सदस्यों और ग्रामवासियों की अनुमति के बिना ही कॉर्पोरेशन द्वारा जंगल काटा जा रहा है ।

  • रक्षक ही भक्षक: ग्रामीणों ने लिखित आरोप लगाया है कि वन विभाग के चौकीदार से लेकर रेंजर तक इस खेल में शामिल हैं । वे अधिकारियों को जानकारी देने के बाद ही कटाई शुरू करने की बात कह रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने समिति को पूरी तरह अनदेखा कर दिया ।

  • आजीविका का अंत: आदिवासियों के पूज्य महुआ और यादवों की आय का साधन तेंदूपत्ता व चिरौंजी के फलदार पेड़ों को ज़मींदोज़ कर दिया गया है।

  • खतरे में जान: जंगल का 70% हिस्सा साफ होने से हिंसक वन्यजीव (तेंदुआ, भालू, जंगली सूअर) अब सीधे ग्रामीणों की बस्तियों में घुस रहे हैं।



अंतिम चेतावनी: 'न्याय नहीं तो भूख हड़ताल'

ग्रामवासियों ने आवेदन में साफ चेतावनी दी है कि यदि इस अवैध कटाई की निष्पक्ष जाँच कर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं की गई, तो पूरा गांव अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के नेतृत्व में भूख हड़ताल पर बैठेगा ।

"हमारे पूर्वजों ने इस जंगल को सहेजा था। आज कॉर्पोरेशन के अधिकारी हमारी अनुमति के बिना इसे काटकर महाराष्ट्र की मंडियों में बेच रहे हैं। हम चुप नहीं बैठेंगे।" — ग्रामवासी, चिखली

प्रशासन से 'गामकी मीडिया' के 5 तीखे सवाल

  1. समिति की अनदेखी क्यों? जब नियमों के अनुसार वन सुरक्षा समिति की अनुमति अनिवार्य है, तो M.P.R.V.V.N. Ltd. के अधिकारियों ने अध्यक्ष रामकिशोर उइके और उपाध्यक्ष सविता यादव की सहमति के बिना कटाई कैसे शुरू कर दी?

  2. फलदार पेड़ों की बलि क्यों? ग्रामीणों का आरोप है कि सागौन के साथ-साथ आदिवासियों और यादव समुदाय की आजीविका के आधार चिरौंजी, तेंदूपत्ता और महुआ के फलदार पेड़ों को भी काटा जा रहा है। क्या प्रशासन ने इन पेड़ों को काटने की अनुमति दी है, या यह सीधा-सीधा वन अधिनियम का उल्लंघन है?

  3. भ्रष्टाचार की जाँच कब? ग्रामीणों ने खुले तौर पर चौकीदार, नाकेदार और रेंजर पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। क्या कलेक्टर महोदय इस पूरे 'वन घोटाले' की स्वतंत्र जाँच के लिए कोई कमेटी गठित करेंगे, या भ्रष्ट अधिकारियों को संरक्षण मिलता रहेगा?

  4. वन्यजीव और जन-माल का ज़िम्मेदार कौन? जंगल का बड़ा हिस्सा साफ होने की वजह से हिंसक वन्यजीव अब बस्तियों में घुस रहे हैं। कल को अगर किसी ग्रामीण या पशु की जान जाती है, तो क्या इसका ज़िम्मा वन विभाग और कॉर्पोरेशन लेगा?

  5. भूख हड़ताल की नौबत क्यों? चिखली के आदिवासी और यादव समुदाय के दर्जनों लोगों ने हस्ताक्षर करके 'भूख हड़ताल' की चेतावनी दी है। प्रशासन ग्रामीणों के सड़क पर आने का इंतज़ार कर रहा है या समय रहते इस अवैध कटाई को रोककर न्याय दिलाएगा?


रिपोर्टर: राजकमल गुप्ता GAMAKI MEDIA (आबादी की गूँज समाचार)


निष्कर्ष: यह आवेदन  केवल एक कागज का टुकड़ा नहीं, बल्कि सतपुड़ा को बचाने की अंतिम पुकार है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस 'जंगलराज' पर लगाम लगाता है या भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते इन पेड़ों की आह अनसुनी रह जाती है।

 CorruptionExposed, EnvironmentalJustice, CommunityActivism
 CorruptionExposed, EnvironmentalJustice, CommunityActivism
 CorruptionExposed, EnvironmentalJustice, CommunityActivism

Top Stories

1/3
bottom of page