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भींडर: आचार्य विमल सागर महाराज के 31वें समाधि दिवस पर सेवा कार्यों की सरिता बही Bhindar: A stream of service activities flowed (CommunityService, HumanitarianEfforts, WinterRelief)

  • Dec 29, 2025
  • 2 min read

जरूरतमंदों को बांटे कंबल और वस्त्र, नवजात शिशुओं को मिले ऊनी कपड़े

भींडर। वात्सल्य रत्नाकर आचार्य विमल सागर महाराज का 31वां समाधि दिवस भींडर में बड़े ही उत्साह और सेवा भाव के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर आदिब्रह्मा आदिनाथ फाउंडेशन द्वारा दिनभर विभिन्न सेवा प्रकल्पों का आयोजन किया गया, जिसमें बेसहारा पशुओं से लेकर अस्पताल में नवजात बच्चों तक की मदद की गई।

CommunityService, HumanitarianEfforts, WinterRelief

दिनभर चले सेवा के विभिन्न प्रकल्प:

  • गौ सेवा से हुई शुरुआत: फाउंडेशन के निदेशक अनिल स्वर्णकार ने बताया कि कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह निराश्रित गोवंश को हरी घास खिलाकर किया गया।

  • नवजात शिशुओं की सुरक्षा: कड़ाके की ठंड को देखते हुए दोपहर में राजकीय अस्पताल, भींडर में 20 नवजात शिशुओं को ऊनी वस्त्र भेंट किए गए, ताकि उन्हें शीत लहर से बचाया जा सके।

  • बस्तियों में सहायता: शाम के समय टीम ने विभिन्न बस्तियों का दौरा किया, जहाँ जरूरतमंद परिवारों को कंबल और वस्त्र वितरित किए गए। साथ ही बच्चों को अल्पाहार के रूप में बिस्किट के पैकेट बांटे गए।

  • A stream of service activities flowed (CommunityService, HumanitarianEfforts, WinterRelief)

इन दानदाताओं का रहा विशेष सहयोग:

संस्था के महामंत्री जेपी जैन (सूरत) ने बताया कि इन पुनीत कार्यों में समाज के विभिन्न भामाशाहों ने दिल खोलकर सहयोग दिया:

  1. महावीर प्रसाद जैन (मुंबई): 20 नवजात शिशुओं के लिए ऊनी वस्त्र।

  2. रूबी जैन एवं विकास जैन (नरेला, दिल्ली): शीतकाल से बचाव हेतु कंबल वितरण।

  3. कन्हैयालाल गेबीलाल जैन (मुंबई): गौ सेवा और बच्चों के लिए बिस्किट पैकेट।

  4. रमेश सोनी (कूंथवास): जरूरतमंदों के लिए वस्त्र वितरण।

आचार्य श्री के समाधि दिवस पर आयोजित इन कार्यों की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है। सेवा ही धर्म के संदेश के साथ इस आयोजन ने समाज में मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है।

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