सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए वरदान: नर्मदापुरम पुलिस ने की 'कैशलेस उपचार योजना' का लाभ उठाने की अपील |CashlessTreatmentScheme, RoadAccidentRelief, GoldenHourCare
- Mar 6
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नर्मदापुरम। सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को कम करने और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 162 के तहत, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 13 फरवरी से 'कैशलेस उपचार पायलट योजना' शुरू की गई है। नर्मदापुरम पुलिस ने नागरिकों से इस योजना के प्रति जागरूक होने और दुर्घटना के समय इसका लाभ उठाने की अपील की है।

'गोल्डन आवर' में मिलेगा जीवनदान
दुर्घटना के शुरुआती 60 मिनट यानी 'गोल्डन आवर' जीवन बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस योजना का मुख्य लक्ष्य बिना किसी वित्तीय बाधा या कागजी कार्रवाई के देरी के, घायल को तुरंत बेहतर इलाज मुहैया कराना है।
योजना की मुख्य विशेषताएँ और लाभ
पात्रता: भारत की किसी भी सड़क पर मोटर वाहन दुर्घटना का शिकार हुआ कोई भी व्यक्ति, जिसे ट्रॉमा या मल्टी-ट्रॉमा उपचार की आवश्यकता है।
कैशलेस कवरेज: अस्पताल में भर्ती होने पर अधिकतम 7 दिनों तक का उपचार।
वित्तीय सीमा: प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹1,50,000 तक का निःशुल्क इलाज (जो भी पहले हो)।
सरल प्रक्रिया: योजना का लाभ लेने के लिए किसी अलग आवेदन की आवश्यकता नहीं है। सूचीबद्ध अस्पताल में पहुँचते ही उपचार अनिवार्य रूप से शुरू किया जाएगा।
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नर्मदापुरम जिले के प्रमुख सूचीबद्ध अस्पताल
जिले के सभी प्रमुख सरकारी और निजी अस्पतालों (जो आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध हैं) में यह सुविधा उपलब्ध है:
क्षेत्र | शासकीय अस्पताल (Government) | निजी अस्पताल (Private) |
नर्मदापुरम | जिला चिकित्सालय | ग्लोबल, अनंत, मीना फ्रैक्चर, अपना नर्मदा, न्यू पांडे, संजीवनी |
इटारसी | श्यामा प्रसाद मुखर्जी चिकित्सालय | दुबे अस्पताल, दयाल अस्पताल |
सिवनी मालवा | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र | भोपाल केयर हॉस्पिटल |
अन्य केंद्र | सोहागपुर, माखन नगर, पिपरिया, पंचमढ़ी, बनखेड़ी, सुखतवा, डोलरिया (CHCs/PHCs) | --- |
नर्मदापुरम पुलिस की 'राहवीर' बनने की अपील
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से आग्रह किया है कि वे दुर्घटना के समय केवल मूकदर्शक न बनें। घायलों को तत्काल नजदीकी सूचीबद्ध अस्पताल पहुँचाकर 'राहवीर' बनें और अनमोल जीवन बचाने में अपना योगदान दें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सूचीबद्ध अस्पतालों के लिए पात्र पीड़ितों को उपचार देना अनिवार्य है।











