ऐतिहासिक पल: रामसर साइट मेनार में 12वें उदयपुर बर्ड फेस्टिवल का भव्य आगाज़ BirdFestival, WetlandConservation, CulturalHeritage
- Jan 17
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तलवारों की खनक और पक्षियों के कलरव से गूंजा मेनार; सांसद सीपी जोशी ने दिलाई 'वेटलैंड मित्र' की शपथ
मेनार (उदयपुर)। झीलों की नगरी उदयपुर के प्रसिद्ध 'बर्ड फेस्टिवल' के 12वें संस्करण का रविवार को ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ। पहली बार उदयपुर शहर से बाहर, हाल ही में घोषित रामसर साइट मेनार में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव ने पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चित्तौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी थे, जबकि अध्यक्षता मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एस.आर. यादव ने की।

सांसद जोशी का संबोधन: "मेनार की परंपरा विश्व प्रसिद्ध"
समारोह को संबोधित करते हुए सांसद सीपी जोशी ने कहा कि मेनार गांव अपनी शौर्य परंपरा (तलवारों की गैर) और पक्षी संरक्षण के अनूठे मेल के लिए दुनिया भर में मशहूर है। उन्होंने कहा, "यहाँ की तलवारों की खनक और पक्षियों का कलरव विश्व प्रसिद्ध है। रामसर साइट घोषित होने के बाद अब मेनार सीधे तौर पर वैश्विक मानचित्र से जुड़ गया है।"
सांसद ने ग्रामीणों के पक्षी प्रेम की सराहना करते हुए उस घटना का भी उल्लेख किया, जहाँ पक्षियों के हित में ग्रामीणों ने बिजली ग्रिड को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की थी, जिसे सरकार ने स्वीकार किया।
BirdFestival, WetlandConservation, CulturalHeritage
पहली बार उदयपुर से बाहर आयोजन
यह पहला अवसर है जब उदयपुर बर्ड फेस्टिवल का उद्घाटन मुख्य शहर से बाहर किया गया है। मेनार को अंतरराष्ट्रीय महत्व की रामसर साइट का दर्जा मिलने के कारण वन विभाग ने इस स्थान को चुना। मुख्य वन संरक्षक एस.आर. यादव ने बताया कि ग्रामीणों के समर्पण के कारण ही यह उपलब्धि हासिल हुई है और अब यहाँ पर्यटकों के लिए सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा।
प्रमुख गतिविधियाँ और शपथ ग्रहण
वेटलैंड मित्र शपथ: सांसद जोशी ने उपस्थित सभी लोगों को आर्द्रभूमि और पक्षियों के आवास को सुरक्षित रखने के लिए 'वेटलैंड मित्र' की शपथ दिलाई।
साहित्य विमोचन: अतिथियों द्वारा बर्ड फेस्टिवल के 12वें संस्करण की 'सोवेनियर' और 'पक्षी पहचान पॉकेट बुक' का विमोचन किया गया।
विद्यार्थियों का उत्साह: उत्सव में सैकड़ों स्कूली बच्चों ने बर्ड क्विज, चित्रकला और फोटो प्रदर्शनी में भाग लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई।
डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन: स्थानीय पक्षी मित्र दर्शन मेनारिया द्वारा निर्देशित फिल्म 'द स्टोरी ऑफ मेनार' दिखाई गई, जिसमें 150 साल पुराने उस गौरवशाली इतिहास को दर्शाया गया कि कैसे ग्रामीणों ने एक अंग्रेज अधिकारी को शिकार करने से रोक दिया था।
विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
समारोह में संभागीय मुख्य वन संरक्षक सेडुराम यादव, सुनील चिद्री, राजस्थान राज्य बायोडायवर्सिटी बोर्ड के सदस्य राजपाल सिंह, उपवन संरक्षक वाय.एस. चुंडावत, सहायक वन संरक्षक सुरभि शर्मा, वल्लभनगर एसडीएम किरणपाल, बॉलीवुड अभिनेता देव मेनारिया, और मेनार सरपंच प्रमोद ढोली सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन राजेंद्र सेन ने किया।
सुरेश प्रजापति (भींडर/बांसड़ा)











