आयुष मंत्रालय की बड़ी पहल: डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रशिक्षण से घर-घर पहुंचेगी निशुल्क आयुष दवाएं AyushHealthcareInitiatives, TraditionalMedicineIndia, DigitalHealthcareMonitoring
- Mar 17
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नई दिल्ली | 17 मार्च 2026
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) के तहत आयुष चिकित्सा पद्धतियों को सुलभ बनाने और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना लागू की है। आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रताप राव जाधव ने लोकसभा में जानकारी दी कि सरकार डिजिटल तकनीक और जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण के माध्यम से आयुष सेवाओं का विस्तार कर रही है।

1. डिजिटल निगरानी: 'आयुष ग्रिड' और एएचएमआईएस
दवाओं की कमी को दूर करने के लिए मंत्रालय ने आयुष अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (AHMIS) विकसित की है।
डिजिटलीकरण: इसके माध्यम से आयुष केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता की रियल-टाइम निगरानी (Monitoring) की जा रही है।
पारदर्शिता: चिकित्सक और फार्मासिस्ट अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए स्टॉक को ट्रैक कर सकते हैं, जिससे मरीजों को दवाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
2. आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) का नेटवर्क
राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत देशभर में 12,500 आयुष्मान आरोग्य मंदिर (एएएम) कार्यशील किए गए हैं। ये केंद्र न केवल उपचार प्रदान कर रहे हैं, बल्कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare) के केंद्र के रूप में भी उभर रहे हैं।
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3. जमीनी स्तर पर जागरूकता और प्रशिक्षण
सरकार ने समुदायों को जागरूक करने के लिए आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं और एनएएम कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया है:
टीओटी (Trainers of Training) कार्यक्रम: इसके तहत स्वास्थ्य कर्मियों को आयुष के लाभों के बारे में प्रशिक्षित किया गया है ताकि वे लोगों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित कर सकें।
मास्टर प्रशिक्षक कार्यक्रम: वर्ष 2024 और 2025 में मस्कुलोस्केलेटल (हड्डियों व मांसपेशियों) और चयापचय (Metabolic) संबंधी विकारों के प्रबंधन पर आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्ध डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
4. राज्यों को वित्तीय सहायता और 'आयुर्ज्ञान' योजना
मंत्रालय 'आयुर्ज्ञान' योजना और एनएएम के लचीले घटकों के माध्यम से राज्यों को वित्तीय मदद दे रहा है:
क्षमता निर्माण: मेडिकल अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टाफ के निरंतर प्रशिक्षण (CME) के लिए बजट का प्रावधान है।
आईईसी गतिविधियां: सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) के माध्यम से समाज में आयुष पद्धतियों के प्रति व्यवहार परिवर्तन (BCC) लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
5. सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम
मंत्रालय द्वारा आयोजित जनसंपर्क गतिविधियों और शिविरों के माध्यम से पुरानी बीमारियों और सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान आयुष पद्धतियों द्वारा किया जा रहा है। इसमें निवारक, उपचारात्मक और पुनर्वास (Rehabilitation) सेवाओं पर जोर दिया जा रहा है।











