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इण्डिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026: भारत की एआई यात्रा में एक ऐतिहासिक मोड़; डिजिटल इंडिया 'आस्क आवर एक्सपर्ट्स' में हुई चर्चाASK OUR AI DIGITAL INDIA MODI GOVERNMENT

  • Jan 13
  • 2 min read

नई दिल्ली | 13 जनवरी, 2026

डिजिटल इंडिया के प्रमुख इंटरैक्टिव कार्यक्रम 'आस्क आवर एक्सपर्ट्स' के 38वें एपिसोड में आगामी 'इण्डिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस सत्र में विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे यह शिखर सम्मेलन भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

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शिखर सम्मेलन के तीन मुख्य स्तंभ: लोग, ग्रह और प्रगति

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और 'इण्डिया एआई' (IndiaAI) के अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि यह समिट तीन मुख्य 'सूत्रों'—लोग, ग्रह और प्रगति—पर आधारित है। इसके केंद्र में विभिन्न 'चक्र' या कार्य समूह (Working Groups) होंगे, जो एआई नीति, कौशल विकास रणनीतियों और कार्यान्वयन की दिशा तय करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य भारत और 'ग्लोबल साउथ' के लिए एक जिम्मेदार और समावेशी एआई रोडमैप तैयार करना है।

स्टार्टअप और युवाओं के लिए नए अवसर

एपिसोड के दौरान विशेषज्ञों ने टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवाओं, महिला नवप्रवर्तकों और स्टार्टअप्स के लिए मौजूद बड़े मौकों का जिक्र किया। इसमें शामिल हैं:

  • एआई और डेटा लैब्स: नई तकनीक सीखने के लिए आधुनिक संसाधन।

  • पिच फेस्ट: स्टार्टअप्स के लिए अपने आईडिया प्रदर्शित करने का मंच।

  • युवाई (YuvAI) ग्लोबल यूथ चैलेंज: छात्रों को वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर।

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इण्डिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026

भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाले इस एक्सपो में एआई के वास्तविक दुनिया के समाधानों (Real-world solutions) का प्रदर्शन किया जाएगा। यह एक्सपो दिखाएगा कि कैसे एआई तकनीक शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और शासन (Governance) जैसे बुनियादी क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है।

नागरिकों के सवाल और विशेषज्ञों का आश्वासन

लाइव सत्र के दौरान देश भर के नागरिकों ने एआई अवसंरचना (Infrastructure), ओपन डेटा एक्सेस और स्टार्टअप भागीदारी जैसे विषयों पर सीधे सवाल पूछे। पैनल में शामिल विशेषज्ञों—शिखा दहिया, कार्तिक शोभन सूरी, स्वदीप सिंह और अंशुल सिंघल—ने आश्वासन दिया कि सरकार एक सुरक्षित और समावेशी प्लेटफॉर्म बनाने की दिशा में काम कर रही है, ताकि छोटे स्टार्टअप और आम नागरिक भी इस तकनीक का लाभ उठा सकें।

कैसे बनें इस बदलाव का हिस्सा?

सरकार ने सभी नागरिकों, पेशेवरों और छात्रों से इस बढ़ते एआई इकोसिस्टम में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया है। इच्छुक व्यक्ति आधिकारिक वेबसाइट impact.indiaai.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं। इस पूरे एपिसोड की रिकॉर्डिंग डिजिटल इंडिया के यूट्यूब चैनल पर भी उपलब्ध है।


courtesy PIB

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