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संभागायुक्त तिवारी ने किया कलेक्ट्रेट का औचक निरीक्षण: ई-ऑफिस और न्यायालयीन प्रकरणों की समीक्षा AdministrativeInspection, GovernanceReforms, DigitalOfficeSystems

  • Mar 25
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बैतूल | 25 मार्च 2026 संभागायुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी ने बुधवार को बैतूल कलेक्ट्रेट कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली, स्थापना शाखा और कलेक्टर एवं अपर कलेक्टर न्यायालय की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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ई-ऑफिस प्रणाली: सेंट्रलाइज्ड व्यवस्था और डिजिटल सिग्नेचर के निर्देश

संभागायुक्त ने ई-ऑफिस प्रणाली के तहत आवक-जावक प्रक्रिया की समीक्षा की और कर्मचारियों की कार्यक्षमता को परखा। उन्होंने व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए:

  • सेंट्रलाइज्ड सिस्टम: कलेक्ट्रेट की संपूर्ण आवक-जावक प्रक्रिया को सेंट्रलाइज्ड किया जाए।

  • सीमित मार्किंग: पत्र मार्किंग की प्रक्रिया को कलेक्टर और अपर कलेक्टर स्तर तक ही सीमित रखने को कहा ताकि कार्य में तेजी आए।

  • डिजिटल सिग्नेचर: सभी शाखा प्रभारियों और लिपिकों को नस्तियों (files) पर अनिवार्य रूप से डिजिटल हस्ताक्षर करने के निर्देश दिए गए।

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स्थापना शाखा: रोस्टर और लंबित प्रकरणों पर नाराजगी

स्थापना शाखा के निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने समयमान वेतनमान, विभागीय जांच, सेवा पुस्तिका और हिट-एंड-रन प्रकरणों की फाइलें देखीं। टेबल निरीक्षण रोस्टर के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित निरीक्षण करने की हिदायत दी।

न्यायालयीन कार्य: समय-सीमा में निराकरण प्राथमिकता

संभागायुक्त तिवारी ने कलेक्टर एवं अपर कलेक्टर न्यायालय में आरसीएमएस (RCMS) के तहत दर्ज प्रकरणों की स्थिति जानी। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  1. सभी न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित हो।

  2. जवाब-दावे (Reply) समय पर प्रस्तुत किए जाएं ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।

  3. कोई भी महत्वपूर्ण पत्र लंबित न रहे, इसकी जिम्मेदारी शाखा प्रभारी की होगी।

उपस्थिति: निरीक्षण के दौरान उपायुक्त दिवाकर नारायण पटेल, अपर कलेक्टर वंदना जाट एवं कलेक्ट्रेट के अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। संभागायुक्त ने कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देकर ई-ऑफिस कार्य में और अधिक दक्ष बनाने के निर्देश भी दिए।

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