शासन के आदेश की अवहेलना: आमला नगर पालिका कर्मियों को नहीं मिला एरियर्स, मजदूर संघ ने खोला मोर्चा
बैतूल/आमला। आमला नगर पालिका में कर्मचारियों को समय पर वेतन न मिलने और लंबे समय से लंबित एरियर्स के भुगतान में हो रही देरी का मामला गरमा गया है। इस समस्या को लेकर भारतीय मजदूर संघ (BMS) की आमला इकाई ने नगर पालिका अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारी
भारतीय मजदूर संघ के इकाई अध्यक्ष प्रमोद कुमार के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में बताया गया कि कर्मचारियों को वेतन का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है। वेतन में देरी के कारण कर्मचारियों के सामने अपने परिवार के पालन-पोषण और दैनिक खर्चों को पूरा करने का गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। संघ ने मांग की है कि प्रशासन हर महीने की 1 से 10 तारीख के बीच नियमित रूप से वेतन भुगतान सुनिश्चित करे।
DA और छठे वेतनमान का एरियर्स अब भी बकाया
ज्ञापन में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि छठे वेतनमान के तहत कार्यरत कर्मचारियों का एरियर्स लंबे समय से रुका हुआ है। मध्य प्रदेश शासन के वित्त विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बावजूद स्थानीय स्तर पर इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है।
संघ ने शासन द्वारा बढ़ाए गए महंगाई भत्ते (DA) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि:
1 जनवरी 2024 से: 239 प्रतिशत
1 जुलाई 2024 से: 246 प्रतिशत
1 जनवरी 2025 से: 252 प्रतिशत
शासन द्वारा बढ़ोत्तरी के स्पष्ट आदेशों के बाद भी आमला नगर पालिका के कर्मचारियों को इसका वास्तविक लाभ नहीं मिल पा रहा है।
प्रशासन से जल्द निराकरण की मांग
मजदूर संघ ने इस मामले की गंभीरता से मुख्य नगर पालिका अधिकारी, अखिल भारतीय सह-संगठन मंत्री और जिला मंत्री को भी अवगत कराया है। कर्मचारियों का कहना है कि एक ओर शासन सुविधाएं बढ़ाने के आदेश दे रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण कर्मचारी आर्थिक तंगी झेलने को मजबूर हैं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही वेतन और लंबित एरियर्स का भुगतान नहीं किया गया, तो वे आगामी कदम उठाने को बाध्य होंगे।











