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मक्का उठाव में देरी पर बैतूल प्रशासन सख्त: 20 अप्रैल तक का अल्टीमेटम, व्यापारियों के लाइसेंस हो सकते हैं रद्द

Apr 17
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मंडी में मक्का के उठाव में हो रही लापरवाही और उससे उत्पन्न अव्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर सौरभ संजय सोनवणे के निर्देश पर, एसडीएम और मंडी भारसाधक अभिजीत सिंह ने शुक्रवार को व्यापारियों के साथ एक आपात बैठक की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि यदि 20 अप्रैल 2026 की शाम तक मंडी परिसर से खरीदे गए मक्का का उठाव नहीं हुआ, तो संबंधित व्यापारियों के लाइसेंस निरस्त कर दिए जाएंगे।

लापरवाही पर मंडी सचिव को नोटिस एसडीएम ने मंडी परिसर में माल के समय पर उठाव न होने को मंडी प्रशासन की विफलता करार दिया है। इस संबंध में मंडी सचिव सुरेश परते को 15 अप्रैल को ही 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया जा चुका है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में 24 घंटे के भीतर माल का उठाव सुनिश्चित नहीं किया गया, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ शासन को होने वाली वित्तीय क्षति की वसूली सीधे मंडी सचिव के वेतन से की जाएगी।

व्यापारियों को अंतिम चेतावनी एसडीएम कार्यालय में हुई इस बैठक में व्यापारियों को दो-टूक शब्दों में कहा गया कि नीलामी के बाद माल का समय पर उठाव उनकी जिम्मेदारी है। 20 अप्रैल की समयसीमा समाप्त होने के बाद प्रशासन निम्नलिखित दंडात्मक कदम उठाएगा:

  • संबंधित व्यापारियों के व्यापारिक लाइसेंसों का तत्काल निरस्तीकरण।

  • मंडी में क्रय-विक्रय की गतिविधियों पर पूर्ण रोक।

  • अन्य वैधानिक दंडात्मक कार्रवाई।

बैठक में उपस्थित प्रमुख व्यापारी बैठक में निलेशलाल भिकुलाल (गोपाल ट्रेडर्स), हीरालाल भिकुलाल, प्रमोद अग्रवाल, श्याम जी, पीयूष अग्रवाल, मनोज ईसरे, राजेश आहूजा, आर.के. अग्रवाल, रामकिशोर राठौर, मुकेश टेढ़िया और मुकेश राठौर सहित कई प्रमुख कारोबारी मौजूद थे।

प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद अब व्यापारियों और मंडी प्रबंधन पर मक्का के स्टॉक को जल्द से जल्द क्लीयर करने का दबाव बढ़ गया है।

 
 

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