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नर्मदापुरम: सम्राट विक्रमादित्य सैनिक स्कूल एवं छात्रावास का भूमिपूजन; राष्ट्र निर्माण और संस्कारों की नई नींव

Apr 15
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नर्मदापुरम (बुदनी)। विद्या भारती मध्यभारत प्रांत के तत्वावधान में बुदनी के ग्राम बागवाडा में प्रस्तावित 'सम्राट विक्रमादित्य सैनिक स्कूल' प्रांगण में प्राथमिक विद्यालय एवं छात्रावास भवन का भूमिपूजन कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के क्षेत्रीय अधिकारी एस. के. सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मध्यभारत के प्रांत संघचालक अशोक पाण्डेय ने की।

विशिष्ट अतिथियों में विद्या भारती मध्यभारत के प्रांत संगठन मंत्री निखिलेश महेश्वरी, सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान म.प्र. के अध्यक्ष मोहनलाल गुप्ता सहित विभिन्न समविचारी संगठनों के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। अतिथियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भूमिपूजन किया गया, जिसके पश्चात 'ॐ' आकार में निर्मित सैनिक स्कूल एवं प्राथमिक विद्यालय की पट्टिका का अनावरण किया गया।

2027 तक संचालन का लक्ष्य: शिक्षा और राष्ट्रभक्ति का संगम

प्रांत संगठन मंत्री निखिलेश महेश्वरी ने विद्यालय की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि बुदनी विकासखंड में शैक्षणिक विस्तार की आवश्यकता को देखते हुए इस क्षेत्र का चयन किया गया है।

  • लक्ष्य: यह सैनिक स्कूल 1 अप्रैल 2027 से प्रारंभ होने की संभावना है, जबकि इसका लोकार्पण 15 मार्च 2027 तक करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • विशेषताएं: यहाँ योग, शारीरिक प्रशिक्षण, आध्यात्मिक शिक्षा और राष्ट्रभक्ति निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विद्या भारती द्वारा संचालित 14 सैनिक स्कूलों की श्रृंखला में यह एक महत्वपूर्ण कड़ी होगी, जहाँ लगभग 800 छात्र-छात्राएं अध्ययन कर सकेंगे।

वैयक्तिक लाभ से ऊपर राष्ट्र सेवा: अशोक पाण्डेय

प्रांत संघचालक अशोक पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल व्यक्तिगत लाभ न होकर राष्ट्र सेवा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पिछले 1000 वर्षों में समाज ने जो उतार-चढ़ाव देखे हैं, उसका मुख्य कारण प्रबल राष्ट्रभक्ति का अभाव रहा है। आज ऐसे संस्थानों की आवश्यकता है जो बचपन से ही बालकों में अनुशासन और सेवा के संस्कार विकसित करें, ताकि वे देश के लिए "संपत्ति" सिद्ध हों। उन्होंने पंडित मदन मोहन मालवीय और डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जैसे व्यक्तित्वों का उदाहरण देते हुए समर्पण की भावना पर जोर दिया।

पाठ्यक्रम में शामिल होगी 'सड़क सुरक्षा'

NHAI के क्षेत्रीय अधिकारी एस. के. सिंह ने एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि विद्यालय में प्रारंभ से ही सड़क सुरक्षा (Road Safety) को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चूँकि विद्यालय के समीप से ही राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण हो रहा है, अतः विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना अनिवार्य है। यदि बच्चों को बचपन से ही यह संस्कार दिए जाएं, तो वे जिम्मेदार नागरिक बनकर दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहायक होंगे।

चरित्रवान युवाओं के निर्माण का संकल्प

कार्यक्रम के अंत में प्रादेशिक सचिव शिरोमणि दुबे ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्या भारती का उद्देश्य केवल डॉक्टर या इंजीनियर बनाना नहीं, बल्कि ऐसे चरित्रवान और राष्ट्रनिष्ठ युवाओं को तैयार करना है जो सीमाओं की रक्षा कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संस्थान में बालकों के साथ-साथ छात्राओं को भी सर्वांगीण विकास के समान अवसर प्रदान किए जाएंगे।

मुख्य झलकियाँ:

  • स्थान: बागवाडा, बुदनी (नर्मदापुरम)।

  • परियोजना: सैनिक स्कूल, प्राथमिक विद्यालय एवं छात्रावास (द्वितीय चरण)।

  • प्रेरणा: सम्राट विक्रमादित्य के आदर्श।

  • क्षमता: लगभग 800 विद्यार्थी (सह-शिक्षा)।

यह आयोजन क्षेत्र में शैक्षणिक क्रांति और राष्ट्रभक्ति के प्रसार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

 
 

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