नरवाई जलाने पर प्रशासन सख्त: 11 किसानों पर लगा जुर्माना, 2 के खिलाफ FIR दर्ज
बैतूल। जिले में रबी सीजन की फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने वाले किसानों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद नियमों का उल्लंघन करने वाले 11 किसानों पर राजस्व विभाग ने 37,500 रुपए का जुर्माना लगाया है। वहीं, दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर (FIR) भी दर्ज की गई है।

ब्लॉकवार हुई कार्रवाई और जुर्माने का विवरण
राजस्व विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न विकासखंडों में पर्यावरण क्षतिपूर्ति के तहत यह कार्रवाई की गई है:
बैतूल विकासखंड: 5 प्रकरणों में 20,000 रुपए का जुर्माना।
चिचोली विकासखंड: 2 प्रकरणों में 5,000 रुपए का जुर्माना।
आमला विकासखंड: 3 प्रकरणों में 7,500 रुपए का जुर्माना।
भैंसदेही विकासखंड: 1 प्रकरण में 5,000 रुपए का जुर्माना।
घोड़ाडोंगरी और भीमपुर में पुलिस कार्रवाई
जुर्माने के अलावा प्रशासन ने कड़ी चेतावनी देते हुए घोड़ाडोंगरी और भीमपुर विकासखंड के दो किसानों के खिलाफ नरवाई जलाने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि आदेश की अवहेलना करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण को खतरा
प्रशासन ने किसानों को सचेत करते हुए कहा है कि नरवाई जलाना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि इससे मिट्टी के मित्र कीट मर जाते हैं और जमीन की उर्वरता पर भी बुरा असर पड़ता है।
कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेष प्रबंधन के लिए आधुनिक और वैकल्पिक तरीकों (जैसे रीपर या अन्य कृषि यंत्र) का उपयोग करें। यदि इसके बाद भी कहीं आगजनी की घटना सामने आती है, तो संबंधितों पर और भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











