आस्था का केंद्र: प्रसिद्ध तारमखेड़ा धाम में अब विराजेगा 'राम दरबार', भव्य मंदिर का हुआ भूमिपूजन
शाहपुर/भौंरा (बैतूल): बैतूल जिले के शाहपुर ब्लॉक अंतर्गत प्रसिद्ध सिद्ध क्षेत्र तारमखेड़ा (डाबरी) में आज भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। 'झोत वाले हनुमान जी' के नाम से विख्यात इस पावन धाम में अब भगवान श्रीराम अपने दरबार के साथ विराजेंगे। आज मंदिर परिसर में विद्वान संतों और अतिथियों की उपस्थिति में भव्य राम दरबार मंदिर का भूमिपूजन संपन्न हुआ।

हनुमान जी के साथ राम जी का सानिध्य: मंहत सनत कुमार दास
भूमिपूजन कार्यक्रम के अवसर पर मंहत सनत कुमार दास ने इस आयोजन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि:
"हनुमान जी महाराज के साथ प्रभु श्री राम का होना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि जहाँ राम हैं वहाँ हनुमान सदैव विद्यमान रहते हैं। इस राम दरबार की स्थापना से इस सिद्ध क्षेत्र की ऊर्जा और शक्ति में अभूतपूर्व वृद्धि होगी, जिससे पूरे क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि का वास होगा।"
इनकी गरिमामयी उपस्थिति में हुआ पूजन
राम मंदिर निर्माण के संकल्प के साथ आयोजित इस भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा मंडल अध्यक्ष महेंद्र 'रंकी' सिरोठिया और महंत सनत कुमार दास मौजूद रहे। इनके साथ ही ग्रामवासी गणेश उइके, भीमराज उइके, साबू, दिनेश, अजित, सोहरु, संजू देवराज, प्यार सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने विधि-विधान से पूजन कर मंदिर निर्माण के निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना की।
चमत्कारिक 'झोत' और सिद्ध प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध है धाम
तारमखेड़ा का यह धाम अपनी प्राचीन मान्यताओं और चमत्कारों के लिए मध्य प्रदेश के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी प्रसिद्ध है। इस मंदिर की कुछ खास विशेषताएं इसे विशिष्ट बनाती हैं:
स्वयंभू प्रतिमा: यहाँ हनुमान जी की प्रतिमा स्वयंभू (स्वयं प्रकट) मानी जाती है, जिनकी श्रद्धापूर्वक दर्शन मात्र से कष्ट दूर होते हैं।
अविराम जलधारा (झोत): मंदिर के समीप वर्षों से एक जलधारा अनवरत प्रवाहित हो रही है जिसे 'झोत' कहा जाता है। श्रद्धालुओं का अटूट विश्वास है कि इस पवित्र जल के सेवन से गंभीर रोगों और कष्टों से मुक्ति मिलती है।
झोपड़ी से भव्य धाम तक: कभी एक छोटी सी झोपड़ी से शुरू हुआ यह स्थान आज लाखों लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र बन चुका है।
भक्तों में हर्ष की लहर
राम दरबार के निर्माण की खबर से क्षेत्र के भक्तों में भारी उत्साह है। अब श्रद्धालुओं को 'झोत वाले दादा' के दर्शन के साथ-साथ मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के भव्य दरबार के दर्शन करने का सौभाग्य भी प्राप्त होगा। भूमिपूजन के पश्चात उपस्थित जनों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।











