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राष्ट्रीय यदुवंशम् सेना की विशेष संगोष्ठी आयोजित, वन ग्रामों के अधिकारों और समान न्याय पर हुई चर्चा

1 day ago
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Updated: 4 hours ago

बैतूल: राष्ट्रीय यदुवंशम् सेना द्वारा समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से 'यादव जोड़ो अभियान' के तहत 21 सितंबर 2026 को रात्रि 9 बजे श्री हनुमान मंदिर, कुप्पा में एक विशेष संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों सामाजिक साथियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस संगोष्ठी के दौरान नई नगर कार्यकारिणी का विस्तार किया गया और संगठन को गांव-गांव तथा नगर-नगर तक मजबूत करने, युवाओं की भागीदारी बढ़ाने और समाज के शैक्षणिक, आर्थिक एवं सामाजिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

संगोष्ठी में कुप्पा, कोठा, मेढ़ाखेड़ा सहित अन्य वन ग्रामों में लंबे समय से निवास कर रहे परिवारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। सामाजिक साथियों ने बताया कि 100 से 150 वर्षों से अधिक समय से निवास कर रहे पात्र लोगों को आज तक भूमि का पट्टा और भूमि स्वामी अधिकार नहीं मिल पाया है। इसके साथ ही, लोगों द्वारा जातिगत पक्षपात एवं भेदभाव की शिकायतों को भी गंभीरता से उठाया गया। राष्ट्रीय यदुवंशम् सेना इस विषय को लेकर मध्य प्रदेश शासन के मुख्य पीसीएफ (वन) अधिकारी के समक्ष मांग रखेगी और आवश्यक दस्तावेजों व पात्रता के आधार पर प्रभावित परिवारों को उनके अधिकार दिलाने के लिए संबंधित स्तर पर चर्चा करेगी।


इस महत्वपूर्ण विषय के समाधान के लिए संगठन की कोर कमेटी जल्द ही बैतूल जिले के केंद्रीय जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित सांसद व केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उईके तथा मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात करेगी। इस मुलाकात में वन ग्रामों में लंबे समय से निवास कर रहे पात्र परिवारों के भूमि अधिकार, वन अधिकार पट्टे, किसान सम्मान निधि और अन्य मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से रखा जाएगा तथा प्रशासनिक स्तर पर इनके समाधान की मांग की जाएगी। साथ ही, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से भी मुलाकात कर समस्या से अवगत कराने और समाधान की मांग करने की रूपरेखा पर चर्चा की गई।


संगठन ने स्पष्ट किया कि स्थानीय आम जनमानस की समस्याओं का प्रशासन द्वारा समयबद्ध समाधान किया जाना चाहिए। घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र में यदि पक्षपात या अधिकारों से संबंधित समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो संगठन जनहित याचिका दायर करने सहित उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार करेगा। संगठन ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी नागरिक के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार स्वीकार्य नहीं है और पात्र लोगों को उनके वैधानिक अधिकार मिलने चाहिए। समस्याओं का समाधान न होने की स्थिति में भविष्य में चुनाव के संबंध में सामूहिक निर्णय यानी चुनाव बहिष्कार लेने पर भी विचार किया जा सकता है।

संगोष्ठी में राष्ट्रीय अध्यक्ष इं. पवन यादव ने कहा कि जब भारत एक देश है, तो कानून के सामने सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान न्याय मिलना चाहिए। संविधान का अनुच्छेद 14 भी कानून के समक्ष समानता की बात करता है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर किसी भी व्यक्ति के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। यदि किसी विवाद या मारपीट की घटना में कानून की अलग-अलग धाराओं के प्रयोग को लेकर किसी समुदाय को असमानता महसूस होती है, तो ऐसे प्रावधानों और उनके क्रियान्वयन की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए तथा समान परिस्थितियों में सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित की जानी चाहिए। अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम जैसे विशेष कानून वर्तमान में विशिष्ट परिस्थितियों में लागू होते हैं। इं. पवन यादव ने अवगत कराया कि राष्ट्रीय यदुवंशम् सेना इस विषय को लेकर जल्द ही पूरे भारत में ज्ञापन अभियान चलाएगी और संबंधित केंद्र एवं राज्य सरकारों के समक्ष अपनी मांग रखेगी। संगोष्ठी का मुख्य संकल्प "समान अधिकार, समान न्याय, सभी के लिए सम्मान" तय किया गया।


कार्यक्रम के अंत में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई, जिनमें 18 नवंबर को 'यादव शौर्य दिवस' के कार्यक्रम की तैयारियां, प्रत्येक ब्लॉक में यादव समाज भवन का निर्माण, संगठन की नई कार्यकारिणियों का विस्तार, और समाज की शैक्षणिक, आर्थिक व सामाजिक मजबूती के लिए आगामी कार्ययोजना शामिल हैं। इस विशेष संगोष्ठी में राष्ट्रीय अध्यक्ष इं. पवन यादव, नारायण यादव प्रदेश युवा अध्यक्ष मप्र,बैतूल जिला संगठन मंत्री शिवनारायण यादव, टेकारीपुरा के समाजसेवी साथी हरिओम यादव सहित सैकड़ों सामाजिक साथी उपस्थित रहे।

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