कुख्यात नार्को-ट्रैफिकिंग सरगना नवप्रीत सिंह का तुर्की से प्रत्यर्पण: सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता!Extradition of notorious narco,trafficking kingpin, Navpreet Singh
भारतीय सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने एक बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल करते हुए तुर्की से कुख्यात नार्को-ट्रैफिकिंग किंगपिन नवप्रीत सिंह को सफलतापूर्वक भारत वापस ले लिया है। 'नवाब विर्क' की फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर तुर्की की नागरिकता हासिल करने के बावजूद, यह अपराधी अफगानिस्तान के रास्ते भारत में हेरोइन और मेथामफेटामाइन जैसी खतरनाक नशीली दवाओं की तस्करी के अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहा था। भारतीय एजेंसियों ने अपनी तकनीकी और खुफिया दक्षता का परिचय देते हुए न केवल उसकी इस फर्जी पहचान का पर्दाफाश किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित अभियान चलाकर उसे धर दबोचा।

भारत लौटने के बाद उसे ड्रग्स तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
यह पूरा ऑपरेशन देश की कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों के बीच उत्कृष्ट आपसी तालमेल, मजबूत वैश्विक समन्वय और सटीक कूटनीतिक रणनीतियों का परिणाम है। एजेंसियों के इस अथक परिश्रम और रणनीतिक कार्रवाई के बल पर देश में नार्को-सिंडिकेट्स और अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियानों को अभूतपूर्व मजबूती मिली है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा विदेशों में छिपे बैठे अपराधियों और आर्थिक भगोड़ों के खिलाफ लगातार चलाए जा रहे अभियानों के तहत, वर्ष 2019 से अगस्त 2026 के बीच कुल 36 अलग-अलग देशों से 288 भगोड़ों को भारत वापस लाया जा चुका है।
Extradition of notorious narco,trafficking kingpin, Navpreet Singh
इस दिशा में एजेंसियों के तकनीकी और खुफिया बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जनवरी 2025 में लॉन्च किए गए 'भारतपोल' (BHARTPOL) प्लेटफॉर्म ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI), राज्य पुलिस मुख्यालयों और जिला स्तर की इकाइयों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को बेहद तीव्र और सुगम बना दिया है। इस एकीकृत नेटवर्क से देश भर की 1,400 से अधिक इकाइयां जुड़ी हुई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय और अंतर-राज्यीय अपराधियों से जुड़ी जानकारियों के रिस्पॉन्स टाइम में भारी कमी आई है और एजेंसियां कुछ ही दिनों में पुख्ता कार्रवाई करने में सक्षम हुई हैं।
इसके अलावा, मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) की सख्त और प्रभावी कानूनी प्रक्रिया के जरिए एजेंसियों ने वर्ष 2019 से 2026 के बीच देश छोड़कर भागे अपराधियों की कुल 17,874 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं और लगभग 18,762 करोड़ रुपये की सफल रिकवरी सुनिश्चित की है। अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग के मोर्चे पर भी एजेंसियों ने आक्रामक रुख अपनाते हुए पिछले तीन वर्षों में 401 भगोड़े अपराधियों के विरुद्ध रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराए हैं, जिनमें अकेले जुलाई 2026 तक 182 नोटिस शामिल हैं। एजेंसियों की यह निरंतर कार्रवाई देश की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के वैश्विक नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने की उनकी प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।











