गरीबों के निवाले पर डाका: शाहपुर में शासकीय उचित मूल्य दुकान की कालाबाजारी, पौने चार लाख का जुर्माना और एफआईआर दर्ज Crackdown on PDS Ration, Black Market FIR and Heavy Fine, Imposed in Betul District
बैतूल जिले के शाहपुर विकासखंड के अंतर्गत गरीबों के लिए आने वाले शासकीय राशन की कालाबाजारी का एक गंभीर मामला सामने आया है। शाहपुर स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान पाठई (कोड 3107004) में प्रशासनिक जांच के दौरान बड़े पैमाने पर खाद्यान्न खुर्द-बुर्द करने का सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। इस वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता पर सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन ने विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम तथा बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करा दी है। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि समाज के सबसे कमजोर और गरीब वर्ग के हिस्से के राशन के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब जिला प्रशासन द्वारा जिले की उचित मूल्य दुकानों की नियमित मॉनिटरिंग और औचक निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही थी। इसी क्रम में 26 अप्रैल 2026 को कलेक्टर जिला बैतूल द्वारा शासकीय उचित मूल्य दुकान पाठई का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पॉइंट ऑफ सेल (पी.ओ.एस.) मशीन में प्रदर्शित स्टॉक और मौके पर उपलब्ध भौतिक स्टॉक के बीच भारी अंतर पाया गया। इसके बाद मामले की गहराई से जांच के निर्देश दिए गए।
प्रशासन के निर्देश पर तहसीलदार शाहपुर, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी और राजस्व निरीक्षक की संयुक्त टीम ने दुकान का भौतिक सत्यापन और अभिलेखों का परीक्षण किया। 2 जुलाई 2026 को किए गए इस संयुक्त निरीक्षण में जो आंकड़े सामने आए, उन्होंने प्रशासनिक अमले को भी चौंका दिया। दुकान के भौतिक सत्यापन में गेहूं, चावल और नमक जैसी जरूरी खाद्य सामग्री भारी मात्रा में गायब मिली।
जांच में सामने आया कि दुकान की पी.ओ.एस. मशीन में जहां 106.39 क्विंटल गेहूं प्रदर्शित हो रहा था, वहीं स्टॉक पंजी में शून्य स्टॉक दर्ज था और मौके पर गेहूं का एक दाना भी भौतिक रूप से उपलब्ध नहीं था। इसी प्रकार 23.42 क्विंटल चावल और अन्य सामग्रियां भी गायब मिलीं। कुल मिलाकर यह स्पष्ट हो गया कि राशन कार्ड धारकों तक पहुंचने वाला अनाज खुले बाजार में खपा दिया गया, जो सीधे तौर पर गरीबों के हक पर डाका डालने जैसा है।
Crackdown on PDS Ration, Black Market FIR and Heavy Fine, Imposed in Betul District
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला आपूर्ति अधिकारी, बैतूल द्वारा उपार्जन वर्ष 2025-26 की आर्थिक लागत के आधार पर वित्तीय अनियमितता की सटीक गणना की गई। जांच के बाद गेहूं, चावल, शक्कर और नमक के कुल स्टॉक अंतर के एवज में विक्रेता पर कुल 3,93,591.50 रुपये की जुर्माना एवं वसूली योग्य राशि निर्धारित की गई।
प्रशासनिक जांच में यह प्रमाणित हो गया कि शासकीय उचित मूल्य दुकान पाठई के विक्रेता राजेश इवने, पिता भीलूसिंग इवने, निवासी ग्राम पाठई ने मध्य प्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2015 की कंडिका 13(2) और 16(6) के प्रावधानों के साथ-साथ दुकान के प्राधिकार पत्र की शर्तों का खुला उल्लंघन किया है। विक्रेता का यह कृत्य आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 और भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की धारा 316(4) के तहत एक गंभीर, गैर-जमानती और दंडनीय वित्तीय अपराध की श्रेणी में आता है।
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आशीष कुमार कुमरे द्वारा थाना शाहपुर में इस संबंध में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले को विवेचना में ले लिया है।
यह प्रकरण देश के उन तमाम प्रशासनिक और विधिक प्रबंधों के लिए एक मजबूत नजीर पेश करता है जहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता सुनिश्चित होना चाहिए । भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ इस प्रकार की कठोर कार्रवाई से कालाबाजारियों के हौसले पस्त होंगे और यह संदेश स्पष्ट हो जाएगा कि सरकारी खजाने और गरीबों के हक पर सेंध लगाने वालों के लिए कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं।











