पिपरिया: बाल श्रम के विरुद्ध प्रशासन का कड़ा प्रहार; संयुक्त अभियान में दो बाल श्रमिक मुक्त, ईंट-भट्टों पर दी दबिश ChildLaborEradication, PipariyaInitiatives, LegalAwareness
पिपरिया | कलेक्टर सोनिया मीना के कड़े निर्देशों के पालन में पिपरिया शहर में बाल श्रम उन्मूलन हेतु एक वृहद संयुक्त जन-जागरूकता एवं छापामार अभियान चलाया गया। श्रम विभाग के नेतृत्व में पुलिस, महिला एवं बाल विकास और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और निर्माण स्थलों का सघन निरीक्षण किया।

प्रमुख कार्रवाइयां: दुकानों से लेकर ईंट-भट्टों तक दबिश
अभियान के दौरान टीम ने दो अलग-अलग स्थानों से बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया:
पिचकारी दुकान पर कार्रवाई: मंगलवारा चौराहा स्थित एक दुकान पर निरीक्षण के दौरान एक किशोर श्रमिक कार्यरत पाया गया। श्रम निरीक्षक सरिता साहू ने तत्काल संज्ञान लेते हुए 'बालक एवं किशोर श्रम अधिनियम, 1986' के तहत कार्रवाई की और नियोजक से श्रमिक को 1000 रुपये की मजदूरी का भुगतान मौके पर ही कराया।
ईंट-भट्टों का निरीक्षण: रायखेड़ी टोला स्थित प्रजापति ईंट-भट्टे पर 12 वर्ष 10 माह की एक बालिका श्रमिक के रूप में कार्य करते पाई गई। टीम ने विधिक कार्रवाई करते हुए बालिका को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया।
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शिक्षा और आंगनबाड़ी से जोड़ने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कई मजदूर परिवार अपने बच्चों के साथ ईंट-भट्टों पर निवास कर रहे हैं। सुपरवाइजर मंजूला जैन दुबे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन बच्चों को तत्काल आंगनबाड़ी और स्कूलों से जोड़ा जाए ताकि उनका भविष्य अंधकारमय न हो।
क्या कहता है कानून? (कठोर दंड का प्रावधान)
प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से नियोजकों को कड़ा संदेश दिया है। अधिनियम के अनुसार:
14 वर्ष तक: किसी भी कार्य में नियोजन पूर्णतः प्रतिबंधित है।
14 से 18 वर्ष: खतरनाक श्रेणी के कार्यों (विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ आदि) में काम कराना अपराध है।
सजा: उल्लंघन करने पर 6 माह से 2 वर्ष तक का कारावास या 20,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना (या दोनों) हो सकता है।
टीम में शामिल प्रमुख अधिकारी
इस संयुक्त दल में श्रम निरीक्षक सरिता साहू, सुपरवाइजर मंजूला जैन दुबे, जन शिक्षक अजीज खान, प्रधान आरक्षक नरेन्द्र सिंह तोमर (मंगलवारा थाना), भुजराम सिंह (SJPU), आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संजू मालवीय और सहायिका रेखा अहिरवार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।











