NHDC जगमूर्ति सेतु पर भ्रष्टाचार का खुला खेल; दो गार्ड सस्पेंड, उच्चाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध !Blatant corruption at the NHDC, Jagmurti Setu heavy dumpers being, driven across a bridge
पुनासा / नर्मदानगर (खंडवा, मध्य प्रदेश)
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले की पुनासा तहसील स्थित इंदिरा सागर परियोजना के अंतर्गत आने वाले एनएचडीसी (NHDC) जगमूर्ति सेतु पर सुरक्षा और नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिस महत्वपूर्ण पुल की अधिकतम भार वहन क्षमता महज 20 टन निर्धारित की गई है, वहां से सुरक्षाकर्मियों की मिलीभगत से 40 से 50 टन वजनी भारी-भरकम ओवरलोड ट्रकों और डंपरों को धड़ल्ले से पार कराया जा रहा है। चंद रुपयों की अवैध कमाई के चक्कर में न केवल राष्ट्रीय संपत्ति को खतरे में डाला जा रहा है, बल्कि किसी बड़े हादसे को सीधा न्योता दिया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, जगमूर्ति सेतु पर तैनात सुरक्षाकर्मियों और ओवरलोड वाहन चालकों के बीच बाकायदा 'दैनिक फिक्सिंग' (प्रति गाड़ी अवैध वसूली की दर) का खेल चल रहा था। वाहनों की अनिवार्य कांटा पर्ची और तकनीकी जांच को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। निर्धारित सीमा से दोगुने-तिगुने भार वाले डंपर बिना किसी रोक-टोक के अवैध वसूली की पर्ची पर पुल पार कर रहे थे।
सुरक्षा प्रभारी का बयान: गार्ड सस्पेंड, एचओपी के बचाव में दिया संदिग्ध बयान
इस गंभीर धांधली को लेकर जब एनएचडीसी के सुरक्षा प्रभारी शिवदत्त डोंगरे से उनके मो. न. 7693031045 पर GAMAKI MEDIA के चीफ कॉरिस्पान्डन्ट राजकमल गुप्ता द्वारा तीखे सवाल किए गए, तो उन्होंने माना कि गड़बड़ी सामने आने के बाद दोनों आरोपी सुरक्षा गार्ड्स को हटाकर निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।
हालांकि, जब सुरक्षा प्रभारी से पूछा गया कि क्या इस अवैध सिंडिकेट में एचओपी (HOP) अजीत सिंह की भी संलिप्तता है, तो उन्होंने उच्चाधिकारी का बचाव करते हुए कहा कि उनका कोई हाथ नहीं है और उन्हें सिर्फ "ब्लैकमेल" किया जा रहा है। सुरक्षा प्रभारी के इस बयान ने मामले को सुलझाने के बजाय और उलझा दिया है। यदि एचओपी पूरी तरह निर्दोष हैं, तो इस स्तर के अधिकारी को कौन और किस बात के लिए ब्लैकमेल कर रहा है? इस गोलमोल जवाब से साफ जाहिर होता है कि निचले कर्मचारियों पर गाज गिराकर पर्दे के पीछे बैठे बड़े चेहरों को बचाने की लीपापोती की जा रही है।
Blatant corruption at the NHDC, Jagmurti Setu heavy dumpers being, driven across a bridge
प्रशासन और एनएचडीसी प्रबंधन पर सीधे सवाल
पुनासा क्षेत्र के इस संवेदनशील सेतु पर महीनों से चल रही ओवरलोडिंग की भनक एनएचडीसी के आला अधिकारियों और स्थानीय निगरानी तंत्र को क्यों नहीं लगी?
क्या केवल दो निजी गार्ड्स को सस्पेंड कर पूरे संगठित वसूली तंत्र पर पर्दा डाल दिया जाएगा?
20 टन की क्षमता वाले पुल पर लगातार दौड़ रहे ओवरलोड वाहनों के कारण यदि कोई बड़ा हादसा होता है, तो इसकी आपराधिक जिम्मेदारी किस पर तय होगी?
सुरक्षा प्रभारी का 'ब्लैकमेल' वाला दावा क्या अंदरूनी हिस्सेदारी या किसी बड़े वित्तीय विवाद की ओर इशारा नहीं कर रहा है?
पुनासा का जगमूर्ति सेतु क्षेत्र की जीवनरेखा है। दो छोटे कर्मचारियों को हटा देने भर से एनएचडीसी प्रबंधन अपनी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। जिला प्रशासन खंडवा और एनएचडीसी मुख्यालय को तत्काल प्रभाव से इस पूरे सिंडिकेट, अवैध वसूली नेटवर्क और उच्च स्तर पर बैठे जिम्मेदारों की निष्पक्ष जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।











